चीन के शांतिपूर्ण विकास पर शी चिनफिंग के व्याख्यान

2021-02-01 10:30:04

शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर कायम रहना शी चिनफिंग की राजनयिक विचारधारा का मूल विषय है ।शी ने अनेक मौकों पर विश्व को चीन के शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर प्रकाश डाला ।

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17 नवंबर 2014 को शी चिनफिंग ने आस्ट्रेलिया की संसद में भाषण देते समय बल दिया कि चीनी जनता शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलती है और आशा करती है कि विश्व के विभिन्न देश शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलकर एक साथ शांति को बर्बाद करने वाले विभिन्न तत्वों का सामना करेंगे और हाथ में हाथ डालकर स्थाई शांति तथा समान समृद्धि वाले सामंजस्यपूर्ण विश्व का निर्माण करेंगे ।उन्होंने बताया ,चीन कैसे विकास करेगा ।विकसित होने के बाद चीन कौन सा देश होगा ।इन दो सवालों के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में विभिन्न विचार हैं ।कुछ चीन पर पक्का विश्वास रखते हैं ,जबकि कुछ चीन को लेकर चिंतित हैं और कुछ लोग चीन को नापसंद करते हैं ।मेरा विचार है कि यह सामान्य बात है ।चीन की आबादी 130 करोड़ है और उस का कद बहुत बड़ा है ।यह स्वाभाव है कि दूसरो लोग देखेंगे कि यह बड़ा कद वाला कैसे चलेगा ,क्या वह अपने रास्ते को रोकेगा ।

28 मार्च 2014 को जर्मनी के कोर्बर स्टिफटुंग में शी चिनफिंग ने विशेष तौर पर चीन के शांतिपूर्ण विकास रास्ते पर व्यवस्थित रूप से व्याख्यान  दिया ।उन्होंने बताया ,चीनी राष्ट्र शांतिप्रिय है ।चीन को शांति चाहिए जैसे मानव को वायु चाहिए और विभिन्न जीवों को सूर्य की रोशनी चाहिए ।चीन ऐसे जीर्ण शीर्ण तर्क पर सहमत नहीं है कि कोई देश शक्तिशाली होने के बाद जरूर प्रभुत्व वाद का अनुसरण करेगा ।क्या वर्तमान विश्व में उपनिवेशवाद और प्रभुत्ववाद का रास्ता है ।अवश्य नहीं है ।हम सिर्फ शांतिपूर्ण रास्ते पर चल सकेंगे ।इसलिए चीन शांतिपूर्ण रास्ते पर अटल है ।

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भाषण में शी ने बताया कि लंबे अरसे से चीन स्वतंत्र और शांतिपूर्ण रास्ते पर चलता आया है ।चीनी कूटनीति का मकसद विश्व शांति की सुरक्षा करना और समान विकास को बढ़ाना है ।चीन ने कई बार घोषणा की है कि चीन हर तरह के प्रभुत्ववाद और बल पूर्ण राजनीति का विरोध करता है और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा और हमेशा प्रभुत्व नहीं जमाएगा और विस्तार का अनुसरण नहीं करेगा ।उन्होंने कहा कि ,चीन का शांतिपूर्ण रास्ते पर चलना अल्पकाल की नीति या कूटनीतिक बात नहीं है ,बल्कि इतिहास ,वास्तविकता और भविष्य के वस्तुगत अनुमान से निकाला गया निष्कर्ष है ,जो वैचारिक विश्वास और स्वैच्छिक कार्यांवयन का एकीकरण है ।शांतिपूर्ण विकास न सिर्फ चीन के लिए बल्कि विश्व के लिए लाभदायक है ।

शी चिनफिंग ने कहा कि जब अपने घर के द्वार पर शांति होती है ,तब हम अमन चैन से अपने काम का अंजाम दे पाते हैं ।चीन स्नेह ,ईमानदारी ,समावेश की अवधारणा पर कायम रहकर पड़ोसी देशों के साथ पारस्परिक लाभ वाला सहयोग गहराएगा और अपने विकास से पड़ोसी देशों को भी लाभ पहुंचाएगा ।

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अगस्त 2014 में मंगोलिया की यात्रा के दौरान शी चिनफिंग ने पहली बार हिचहाइक का विचार  पेश किया ।उन्होंने कहा ,हम पड़ोसियों के साथ सहअस्तित्व से रहेंगे और पड़ोसियों को अपने साझेदार के रूप में देखते हैं ।अधिक लोग ईंधन की लकड़ी एकत्र करते हैं ,तो लपट अधिक बड़ी है ।चीन मंगोलिया समेत पड़ोसी देशों के लिए समान विकास का मौका और स्पेस प्रदान करने को तैयार है ।हम आप लोगों का चीन के विकास की एक्सप्रेस पर सवार होने का स्वागत करते हैं ।

शी चिनफिंग की नजर में विश्व विभिन्न देशों की जनता का विश्व है ।विश्व के विभिन्न देशों की जनता को एक साथ वैश्विक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना चाहिए ।शांतिपूर्ण विकास ,सहयोग और समान जीत मानव समुदाय का सही रास्ता है ।उन्होंने बताया ,एक जिम्मेदार बड़ा देश होने के नाते चीन शांति ,विकास ,न्याय ,निष्पक्ष ,लोकतंत्र और स्वतंत्रता समेत तमाम मानव के समान मूल्यों पर कायम रहता है ।चीन समान सलाह ,निर्माण और समावेश वाले वैश्विक प्रशासन अवधारणा पर कायम रहता है ।अगर शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलें और विभिन्न देशों की जनता के साथ मानव समुदाय के साझे भविष्य का निर्माण बढ़ाया जाए ,तो मानव का बेहतर भविष्य जरूर आएगा ।

(वेइतुंग)   

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