चीन ने भारत को दिया सकारात्मक संकेत- भारत मामलों के चीनी विशेषज्ञ

2021-02-01 15:00:18

72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने क्रमशः भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश भेजा। शी ने अपने संदेश में कहा कि कोविड-19 महामारी और सौ साल में अभूतपूर्ण परिवर्तन की पृष्ठभूमि में चीन भारत संबंधों का स्वस्थ ,स्थिर व विकास बनाए रखना न सिर्फ दोनों देशों व दोनों देशों की जनता के मूल हित में है ,बल्कि क्षेत्र और विश्व की स्थिरता व विकास के लिए बड़ा महत्व रखता है ।वे राष्ट्रपति कोविंद के साथ समान कोशिश कर द्विपक्षीय संबंधों को सही रास्ते पर बढ़ाने के लिए तैयार हैं । इस पर चीनी आधुनिक अंतरराष्ट्रीय संबंध अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया केंद्र के निदेशक हु शीशंग ने चाइना मीडिया ग्रुप के हिंदी विभाग के साथ विशेष साक्षात्कार में बताया कि यह बहुत स्पष्ट है कि चीनी नेताओं ने भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर काफी सकारात्मक संकेत दिया है ।

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हु शीशंग ने कहा कि पिछले साल चीन-भारत सीमा क्षेत्र के पश्चिमी भाग में दोनों देशों की सेनाओं का आमना-सामना होने के बाद चीन भारत संबंधों में गिरावट का रूझान रहा ।कहा जा सकता है कि द्विपक्षीय संबंध काफी निचले स्तर पर आ गए हैं।ऐसी प्रतिकूल स्थिति में चीनी नेता सकारात्मक संकेत देकर वर्तमान स्थिति को बदलना चाहते हैं, ताकि द्विपक्षीय संबंध फिर से बेहतर हो सकें।

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हु शीशंग ने कहा कि चीन भारत संबंधों में उच्च स्तर का मार्गदर्शन सबसे बड़ा स्तंभ है ।वर्ष 2017 में डोकलाम की घटना में दोनों नेताओं ने निर्णायक फैसला लेकर सफलता से द्विपक्षीय संबंधों की गिरावट को रोक दिया था ।विश्वास है कि इस बार चीनी नेताओं द्वारा दी गयी सदिच्छा को भारतीय पक्ष अधिक गहरी दृष्टि से समझेगा ।

चीन और भारत की सेनाओं के बीच अभी समाप्त हुई नौवैं दौर की कोर कमांडरों की बैठक की चर्चा में हु शीशंग ने बताया कि वार्ता ही प्रगति है ।इस बैठक में दोनों पक्षों ने संबंधित मुद्दों पर रचनात्मक संवाद किया और पहली पंक्ति के जवानों के अलग होने को बढ़ाने तथा सीमांत क्षेत्र की शांति की सुरक्षा में कई अहम समानताएं फिर दोहरायीं । यह सैन्य संवाद द्विपक्षीय संबंधों का गतिरोध तोड़ने के लिए महत्व रखता है ।सीमा सवाल इतिहास से छोड़ा गया सवाल है ।इसका समाधान सचमुच जटिल और कठिन है ,जो आम लोगों की कल्पना के बाहर है ।दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान योजना निकालने के लिए समान कोशिशें जारी रहनी चाहिए ।इसके साथ ही सीमा मुद्दे को दोनों पक्षों के संबंधों में एक उचित स्थान पर रखा जाना चाहिए ।

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हु शीशंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति में बड़े बदलाव आने के चरण में दोनों देश वास्तव में अभूतपूर्व मौके का सामना कर रहे हैं ।विकास दोनों देशों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है ।अगर विकास नहीं किया गया,तो मूल्यवान मौका हाथ से छूट जाएगा ।अगर दोनों देश अपने-अपने विकास को लेकर फोकस रखें और एक-दूसरे को मौके के रूप में देखें ,तो चीन-भारत संबंधों का उज्जवल भविष्य होगा ।

(वेइतुंग)     

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