
लियु यांग का जन्म अक्टूबर 1978 में हुआ था। जन्म से ही वह बहुत प्रतिभाशाली दिखी थी। पढ़ाई में अव्वल होने के साथ माता-पिता और शिक्षकों का भी प्यार हमेशा मिलता रहा है। लियु यांग की मिडिल और हाईस्कूल के सहपाठी हू छिंग लुंग ने कहा कि मेरी नजर में वह मिडिल स्कूल से लेकर हाई स्कूल तक एक बहुत अच्छी छात्रा रही थी। वह बहुत ईमानदार और मेहनती छात्रा थी।
वर्ष 1997 में लियु यांग हाई स्कूल से उत्तीर्ण हुई। पहली बार ह नान प्रांत से महिला पायलट के चुनाव के समय उस के अध्यापक ने उसका नाम प्रस्ताव की सूची में डाला। लियु यांग का हाई स्कूल का पढ़ाई अंक उस समय पहले स्तर के विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए निर्धारित अंक से 30 अंक ज्यादा था। लियु यांग ने प्रसिद्ध विश्वविद्यालय और पायलट में से पायलट को ही चुना। चंग चोउ हाई स्कूल के अध्यापक त्वान छुएन छिंग ने कहा कि उस समय बहुत सारे छात्रों ने उसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए समझाया थी, लेकिन लियु यांग का कहना था कि हमें हमेशा अपने चुनाव पर विश्वास करना चाहिए। और इस तरह पायलट बनने की राह पर चल पड़ी।
यह सब मुझे बहुत रहस्यमय लगता था। जब मैं पहली बार हवाई जहाज में बैठी थी, तो मुझे लग रहा था कि ऐसा कैसा हो सकता है कि सभी चीजें आपसे दूर चली जाती है। सब बहुत आश्चर्यजनक था। साथ ही जमीन पर लोग धीरे-धीरे छोटे बनते जा रहे थे, कुछ समय के बाद तो बिल्कुल ऐसा लग रहा था जैसे जमीन पर चींटी रेंग रही हो। जमीन से दूर जाने के साथ-साथ आकाश करीब आ रहा था। मुझे बिल्कुल डर नहीं लग रहा था। सबकुछ आश्चर्यजनक था। सोच रही थी कि एक लोहे का बना डिब्बा आकाश में कैसे उड़ सकता है।
चार सालों के पायटल ट्रेनिंग ने लियुं यांग को जैसे पंख लगा दिए थे। वर्ष 2001 में लियु यांग चीनी वायु सेना में पायलट के रूप में कार्यरत हो गईं। उस समय से उन्हें अपने काम से और ज्यादा लगाव हो गया।
मुझे याद है कि उन दिनों मैं हू पेइ प्रांत के एक हवाई अड्डे पर थी और वायु सैनिकों के लिए पैराशुट उतारने का काम कर रही थी। सभी जवान हवाई जहाज के अंदर बैठे थे। जहाज का पिछला दरवाजा जैसे ही खुला, तो सभी सैनिकों ने गाना शुरू कर दिया और उसके बाद एक स्वर में कहा—हमें कॉमरेड लियु यांग से सीखना चाहिए। उस समय मैं बहुत भाव विभोर हो रही थी। मुझे लग रहा था कि सबसे अच्छी नौकरी यही है।





