पंकजः उन्होंने आगे लिखा है कि 5 नवम्बर से शरू "वर्ष 2012 : चीन में तिब्बती क्षेत्र का दौरा" श्रृंखला के अन्तर्गत छिंगहाई के दो प्रीफेक्चरों में नई और बेहतर चिकित्सा-व्यवस्था तथा स्वास्थ्य बीमा योजना से वहां के किसानों और चरवाहों को मिलने वाले लाभ की जानकारी बहुत उपयोगी लगी। वास्तव में तिब्बत की कठिनाइयाँ दूर करने के लिये सरकार कारगर कदम उठा रही है, बल्कि यह कहना गलत न होगा कि देश के अन्य भागों के मुकाबले तिब्बत पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
चंद्रिमाः अच्छा, सी.पी.सी. की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस की काफ़ी चर्चा के बाद अब हम एक दिलचस्प सवाल पर आते हैं। पंकज जी, हमारे एक श्रोता, भागलपुर, बिहार के हेमंत कुमार जी ने आपसे एक सवाल पूछा, उन्होंने लिखा है कि पंकज जी, मैं यह जानना चाहता हूं कि आप टेलिवेज़न की दुनिया को छोड़कर रेडियो की दुनिया में क्यों आये ? वाह, यह एक बहुत अच्छा सवाल है। पंकज जी, कृपया आप इस का जवाब दीजिये।
पंकजः अच्छा। वाकई बहुत अच्छा प्रश्न है। दरअसल मैं 20 वर्ष पहले गैजुएशन के अंतिम वर्ष में था और उस दौरान मैंने चीन, जापान और कोरिया का इतिहास पढ़ा था। आधुनिक चीन के इतिहास को विस्तृत रूप से पढ़ते समय मेरी प्रबल इच्छा हुई कि काश मैं भी कभी चीन घूम पाता। और जब 20 वर्षों बाद यानी 2012 में मुझे सीआरआई की तरफ से प्रस्ताव मिला तो मैंने उसे सहर्ष ही स्वीकार कर लिया। इस बहाने काम का काम और चीन की सैर भी हो जाती है जो भारत रहते कभी पूरी नहीं होती। हेमंत जी मैं अपने बाकी श्रोताओं के साथ साथ आपसे भी यही कहूंगा यदि जीवन में आपको कभी चीन घूमने का अवसर मिले तो अवश्य ही लाभ उठाईयेगा क्योंकि चीन वाकई एक बहुत की सुंदर और विकसित राष्ट्र है। यहां पर घूमने के लिये बहुत सारे पर्यटन स्थल हैं। लोग बहुत विनम्र और मददगार हैं।





