पाकिस्तानी मीडिया की 11 अक्तूबर की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ को रिहाई मिलने के कई घंटों के बाद 10 अक्तूबर की रात को उन्हें फिर एक बार एक नए केस में गिरफ्तार कर लिया गया। उनपर अभियोग लगाया गया है कि उन्हें 2007 में इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में हुई सैन्य कार्यवाई की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। इस घटना में करीब 90 धार्मिक छात्रों की मौत हो गई थी।
इस अभियोग पर मुशर्रफ ने कहा कि सैन्य कार्यवाई करते समय सशस्त्र शक्तियों ने मस्जिद और आसपास के कन्या धार्मिक स्कूलों और सरकारी पुस्तकालय पर कब्जा जमा लिया था। सशस्त्र शक्तियों के साथ बातचीत करने के बाद कोई भी परिणाम नहीं निकल पाने की स्थिति में उन्होंने सैन्य कार्यवाई करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने 9 अक्तूबर को कहा कि पर्याप्त सबूत नहीं है कि मुशर्रफ ने 2006 में बलूचिस्तान प्रांत के कबीलाई नेताओं की हत्या में भूमिका निभाई थी इसलिए
10 अक्तूबर को मुशर्रफ को रिहाई किया गया था।
(श्याओयांग)





