
वर्ष 2013 में तिब्बत रिहायशी घर परियोजना के निर्माण को गति देगा, ताकि बचे हुए 50 किसान और चरवाहे रिहायशी मकान में रह सकें। इस योजना के लिए करीब 90 करोड़ युआन की राशि खर्च की जाएगी। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में आयोजित हो रहे एनपीसी और सीपीपीसीसी के सम्मेलनों के दौरान यह खबर मिली।
रिहायशी मकान परियोजना इस वर्ष तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में जन जीवन सुधार कार्यान्वयन के दस ठोस कदमों में से एक है, जिस पर दोनों सम्मेलनों में भाग लेने वाले तिब्बत की जन प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधियों और राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के सदस्यों का ध्यान केंद्रित हुआ है। वर्ष 2006 से ही तिब्बत ने किसानों और चरवाहों के इच्छानुसार उनकी जीवन स्थिति को सुधारने की कोशिश की है। इसके तहत पुराने मकानों में सुधार, घुमंतू चरवाहों के स्थाई रिहायशी मकान निर्माण और गरीब किसानों व चरवाहों के मकान-स्थानांतरण समेत परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया गया।
2012 के अंत तक तिब्बत में 4 लाख 10 हज़ार किसान और चरवाहे परिवारों को रिहायशी मकान मिले, अब तक इस परियोजना से 21 लाख लोगों को लाभ मिला है।
(श्याओ थांग)





