पांचवीं अन्तरराष्ट्रीय तिब्बत शास्त्र अनुसंधान संगोष्ठी 4 अगस्त को पेइचिंग में समाप्त हुई।
चीनी तिब्बत शास्त्र अनुसंधान केन्द्र के महा निदेशक चंग त्वी ने संबोधित करते हुए कहा कि संगोष्ठी में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। सभी विशेषज्ञों ने संजीदगी से विचारों का आदान-प्रदान किया। तिब्बती बौद्ध भिक्षु और चीनी पारंपरिक बौद्ध समुदाय के वरिष्ठ भिक्षु सहित आदि जाने-माने व्यक्तियों ने संगोष्ठी में भाग लिया, जिससे शिक्षिक और धार्मिक जगतों के बीच आवाजाही प्रतिबिंबित हुई है।
गौरतलब है कि पांचवीं अन्तरराष्ट्रीय तिब्बत शास्त्र अनुसंधान संगोष्ठी का उद्घाटन 2 अगस्त को हुआ। भारत, जापान, जर्मनी, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया आदि 21 देशों व क्षेत्रों के 267 तिब्बती विद्वानों ने इसमें भाग लिया। उन्होंने अनवरत विकास और जन-जीवन गारंटी, इतिहास, साहित्य, पुरातत्त्व व कला, धर्म, समकालीन राजनीति और तिब्बती औषधि आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया।





