उक्त 22 प्रमुख सांस्कृतिक अवशेषों में 15 प्रमुख सांस्कृतिक अवशेषों के संरक्षण विभाग और प्रमुख मठ तथा 7 ऐतिहासिक धरोहरें शामिल हैं, जिनमें ताशिहुंपू मठ, शालू मठ, नैनिंग मठ, चांगची शहर स्थित ब्रिटिश आक्रमण विरोधी अवशेष स्थल शामिल हैं।
बाताया जाता है कि पूरी हो गयी 14 परियोजनाओं में ल्हासा का जोखांग मठ, रामोछे मठ, कचा मठ, लौंसेस्टन जागीर, कुआन दी मंदिर आदि शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इन मरम्मत परियोजनाएं सांस्कृतिक अवशेषों के पूर्व रूप को नहीं बदलने के सिद्धांत के अनुसार की गयी। इस तरह न केवल सांस्कृतिक अवशेष के पूर्व रूप बनाए रखे जाएंगे, बल्कि उन्हें मजबूत करके सुशोभित किया जाएगा।
तिब्बती सांस्कृतिक अवशेष ब्यूरो के प्रधान सान बू ने कहा कि 12वीं पंच वर्षीय योजना के दौरान तिब्बत के 44 प्रमुख सांस्कृतिक अवशेषों की संरक्षण परियोजनाओं में 93 करोड़ युआन की पूंजी लगायी जाएगी। इस के आधार पर राष्ट्रीय सांस्कृतिक अवशेष ब्यूरो ने और 80 करोड़ युआन का अतिरिक्त अनुदान देने पर सहमति भी जतायी। (मीनू)





