तिब्बत स्वायत प्रदेश के अध्यक्ष बाईमा चिलिन ने हाल में ल्हासा में गरीबी उन्मूलन व विकास पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि तिब्बत में राष्ट्रीय मापदंड के अनुसार गरीबी उन्मूलन का कार्य चलेगा। इसके तहत तिब्बत में प्रति किसान व चरवाहे की शुद्ध आय 2300 युआन को गरीबी उन्मूलन का नया मापदंड बनाया जाएगा, जो पुराने मापदंड से 600 युआन अधिक है।
बैठक में तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के लिये दो लक्ष्य स्थापित किये गये। पहला, 2015 तक गरीब आबादी की भोजन व वस्त्र की समस्या हल हो सकेगी।गरीब इलाकों में प्रति किसान व चरवाहे की शुद्ध आय की वृद्धि दर पूरे तिब्बत के औसत स्तर से अधिक होगी।कृषि व चरागाह क्षेत्र की कुल जनसंख्या की तुलना में अति-गरीब आबादी का अनुपात 12 प्रतिशत कम किया जाएगा। दूसरा, 2020 तक गरीब क्षेत्रों में अनिवार्य शिक्षा, सार्वजनिक चिकित्सा और आवास का स्तर और बढ़ेगा।बुनियादी सुविधाओं व सार्वजनिक सेवाओं का स्तर पूरे प्रदेश के औसत स्तर के करीब पहुंचेगा।इसके साथ विकास की खाई चौड़ी न होने देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
(लिली)





