
अध्यापक सोलांग संवाददाता के साथ साक्षात्कार करते हुए
आज चीन देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की मज़बूती के लिए लगातार आर्थिक मदद दे रहा है। दूर संचार शिक्षा ग्रामीण शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का अहम माध्यम बन गया है। गत 90 के दशक में रोंगश्यांग जिले के पहले प्राइमरी स्कूल में टीवी और वीसीआर आदि उपकरण लगाए गए, इनके ज़रिए बच्चों को शिक्षा दी जाती थी। हाल के दस वर्षों में स्कूल में कंप्यूटर और मल्टी मीडिया उपकरण भी लगाए गए। वर्ष 2012 की गर्मियों की छुट्टियों में स्कूल के इलेक्ट्रोनिक क्लासरूम में सभी पुराने कंप्यूटरों को बदला गया। साथ ही अन्य शिक्षा उपकरण भी नए लगाए।

विद्यार्थी कंप्युटर कक्षा लेते हुए
वर्ष 1985 से तिब्बत में अनिवार्य शिक्षा के नौ वर्षों में किसानों व चरवाहों के बच्चों को"मुफ्त भोजन, मुफ्त निवास और मुफ्त शिक्षा फीस"की नीति अपनाई गई। इस साल सितंबर से तिब्बत ने पूर्व स्कूली शिक्षा के तीन सालों, प्राइमरी स्कूली शिक्षा के छह सालों, मिडिल स्कूल के तीन सालों और हाई स्कूल के तीन वर्षों को मिलाकर 15 साल की मुफ्त फीस नीति लागू की। इससे गरीब परिवार के बच्चों को स्कूल जाने की कोई चिंता नहीं होती। सांगरी कांउटी के रोंगश्यांग जिले में स्कूली उम्र के सभी बच्चों की स्कूली दाखिला दर शत प्रतिशत पहुंच चुकी है।
इधर के सालों में तिब्बत के स्कूलों में शिक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है, साथ ही कई ग्रामीण स्कूलों के शिक्षकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण पाने का मौका भी मिला है। टीचर सोलांग को भी ऐसा अवसर मिला। मिडिल स्कूल के बाद उन्होंने सीधे पढ़ाना शुरू किया, देश की उदार नीतियों से सोलांग त्सेरिंग ने उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के जरिए नॉर्मल कॉलेज से डिग्री हासिल की।

प्राइमरी स्कूल के छात्र तिब्बती नृत्य नाचते हुए
दो साल के बाद सोलांग रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे जिन्दगी भर शिक्षा से जुड़े रहे हैं। इस दौरान उन्हें कई जगहों से रोजगार के अच्छे मौके भी मिले, लेकिन उन्होंने छोड़ दिए। मां-बाप अनपढ़ थे, ऐसे में सोलांग शिक्षा के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। वे हमेशा बच्चों के साथ रहे हैं और उन्हें लगता है कि अगर शिक्षक धैर्य के साथ बच्चों को उनकी स्थिति के मुताबिक पढ़ाए तो ग्रामीण बच्चों का भी भविष्य सुनहरा हो सकता है। यह विचार उनका विश्वास भी बन गया है। अपने शिक्षक होने पर गर्व भी है। उन्होंने कहा:"शिक्षक बनना तिब्बत में सबसे अच्छा रोज़गार है। सभी लोग शिक्षकों का सम्मान करते हैं। मुझे इस प्रकार का काम पसंद है। अब मेरे छात्र अच्छी से पढ़ाई करते हैं, और शिक्षा पूरी करने के बाद भी मेरा सम्मान करते हैं। "















