वर्ल्ड कप 2011 के उद्घाटन समारोह में बृहस्पतिवार को ढाका के 'बंगबंधु स्टेडियम' में भारतीय उपमहाद्वीप की सांस्कृतिक छठा देखने को मिली। इसमें बांग्लादेश, भारत व श्रीलंका के लगभग तीन हजार लोक कलाकारों ने मिली जुली संस्कृति से तमाम लोगों को दिल जीत लिया। हालांकि मैदान पर जोर आजमाइश शनिवार से शुरू होगी, लेकिन बृहस्पतिवार को उद्घाटन में मैत्री और आपसी सद्भावना के प्रतीक के तौर पर संस्कृति के रंग बरसे। यह सब चौदह देशों के आपस में मिलने का एक मौका था।
वैसे ढाका में वर्ल्ड कप के आगाज के लिए रॉक स्टार ब्रायन एडम्स अपने लोकप्रिय गीत ' समर ऑफ 69' और 'लेट्स मेक ए नाइट टू रिमेंबर' से रंग में दिखे तो बंग बंधु स्टेडियम में 'दमा दम मस्त कलंदर' पर रूना लैला की रुहानी आवाज लोगों को मदमस्त कर गई। शबीना यास्मिन, मुमताज बेगम, शंकर एहसान लॉय व सोनू निगम ने भी लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। हजारों दर्शकों ने पूरे आयोजन को तल्लीनता के साथ देखा।
समारोह की शुरुआत बांग्लादेश के राष्ट्रीय गीत ' आमार सोनार बांगला ' की भावुक प्रस्तुति के साथ हुई। सभी टीमों के कप्तान छोटे बच्चों के साथ, सजे धजे रिक्शे पर बैठ कर आए तो यह सब दर्शकों के लिए खासा कौतूहल था। इस दौरान पूरा स्टेडियम वर्ल्ड कप थीम गीत 'दे घुमा के' से गंजू रहा था, जिसे शंकर एहसान लॉय अपनी जोशीली आवाज से सजाया। पहले तीन बार के चैंपियन रिकी पोंटिंग बंगबुंध स्टेडियम पहुंचे।
हर कप्तान के साथ रिक्शे में एक बच्चे थे। पोंटिंग के बाद कनाडा के कप्तान आशीष बगई, इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रास, आयरलैंड के कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड, केन्या के जिमी कमांडे, हालैंड के पीटर बोरेन, न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी, पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, वेस्ट इंडीज के डेरेन सैमी और जिंबाब्वे के एल्टन चिगुंबुरा ने स्टेडयम में प्रवेश किया। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के स्टेडियम में प्रवेश करते ही पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। धोनी के बाद श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा और अंत में उद्घाटन समारोह के मेजबान बंगलादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने भी तालियों की गूंज के बीच स्टेडियम में प्रवेश किया। कप्तानों के साथ मशहूर गायर सोनू निगम ने अंग्रेजी गीत 'राइज अप फोर ग्लोरी' का प्रस्तुत किया। रंगबिंरगी आतिशबाजी छोड़ी गई।
वहीं स्टेडियम से लगी बंगलादेश की सबसे ऊंची इमारतों में से एक इमारत पर एक मैच खेला गया। यह मैच 200 से 300 फुट ऊंचाई पर खेला जा रहा था। रस्सियों से बंधे कलाकारों ने हवा में झूलते हुए इमारत के बाहरी हिस्से पर लगी विशालकाय एलईडी स्क्रीन पर बनी पिच पर पूरे एक ओवर क्रिकेट खेली इसमें न केवल शॉट लगे, गेंदबाजी हुई, कैच भी हुआ और छक्का भी लगा।
अनिल















