शांगहाई विश्व मेले में विकलांगों को प्यार शीर्षक जीवन और रोशनी भवन का साप्ताहिक कार्यक्रम 10 तारिख को औपचारिक तौर पर शुरू हो गया। जीवन और रोशनी भवन विश्व मेले के इतिहास के 159 वर्षों में पहली बार विकलांगों के लिए निर्मित है। इस भवन में भेदभाव मिटाना, गरीबी हटाना, जीवन से प्यार और रोशनी फैलाना शीर्षक के साथ शहर में विकलांगों का जीवन सुंदर बनाने की विचारधारा का प्रचार किया गया है। इस भवन में साधारण पर्यटक भी भाग लेकर खुद विकलांगों की कठिनाईयों को महसूस कर सकते हैं। अमोल जीवन की भावनाओं के साथ-साथ विकलांग लोगों से प्यार की महत्वपूर्णता को भी महसूस कर सकते हैं।
जीवन और रोशनी भवन ने जीवन मंच, अनुभूति भवन, स्मार्ट भवन आदि 6 युनिटों के द्वारा विकलांगों के जीवन को संवारने वाली अत्याधुनिक मशीनों जैसे स्वचालित रसोईघर, सीढी चढ़ने वाली पहिएदार चेयर, ब्रेल लिपि प्रिंटर आदि दिखाए गए हैं। इसके अलावा हॉल के अंदर इंटरेक्टिव अनुभव वाले भवन के द्वारा दर्शकों को विकलांग लोगों के जीवन और कठिनाईयों से अवगत कराया जा सकता है। साथ ही विकलांग लोगों के जीवन और विकलांग कार्य की महत्ता के प्रति साधारण लोगों की भावनाओं को जगाया जा सकता है।
जीवन और रोशनी भवन के प्रबंधक ने इसका परिचय देते हुए कहाः
इस भवन के अंदर दो विशेष क्षेत्र हैं। पहले क्षेत्र में जादूई प्रतिध्वनित आवाज को महसूस किया जा सकता है, ध्वनि तरंगों के माध्यम से पैदा की गई अनूठी ध्वनि आप को सुनने की अमोल क्षमता को महसूस कराती है। दूसरे क्षेत्र में आप जीभ, कान और त्वचा इंद्रियों के द्वारा दुनिया के सौंदर्य को महसूस कर सकते हैं। इसके साथ-साथ विशेष किरणों के द्वारा अंधेरे कमरे में नेत्रहिन व्यक्तियों का फुटबॉल मैच भी देख सकते हैं, नेत्रहिन व्यक्तियों में जीवन से चुनौति करने की भावना को महसूस कर सकते हैं। पर्यटक इंटरेक्टिव भवन के जरिए अत्याधुनिक तकनीक वाली मशीनों के द्वारा विकलांग लोगों के जीवन को लायी गयी सुविधाओं को महसूस कर सकते हैं साथ ही तरह-तरह के रोग निवारण के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उसी समय इस भवन की सैर कर रहे अमरीकी पर्यटक राबेर पॉलसन ने साक्षात्कार के समय कहा कि, विश्व मेले में विशेष तौर पर विकलांग लोगों के लिए निर्मित यह भवन एक बहुत बड़ी शुरूआत है। इसके द्वारा प्रत्येक व्यक्ति अपने आप को जान सकता है और महसूस कर सकता है।
विकलांग लोगों के लिए निर्मित यह भवन एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, साथ ही हरेक पर्यटक इनकी भावनाओं को महसूस कर सकता है। सभी लोग धीरे-धीरे बुढापे में प्रवेश करेंगे, उनकी विभिन्न इंद्रिय तंत्र का भी धीरे-धीरे क्षीण होगा, इसलिए हमें इस भवन में इसे महसूस करना चाहिए, यहां की मशीनों की जरूरत होगी।
वर्तमान में चीन में 8 करोङ 30 लाख विकलांग लोग हैं जो कि चीन की कुल जनसंख्या की 6 प्रतिशत से ज्यादा है। हाल के कुछ वर्षों में चीन के विकलांग लोगों के जीवन में स्पष्ट तौर पर सुधार हुआ है। विकलांग लोगों की उत्तरजीविता और विकास के अधिकार की भी गारंटी हुई है। वर्ष 2009 के अंत तक, 1 करोङ 80 लाख से ज्यादा विकलांग लोगों ने विभिन्न स्तरों पर स्वास्थ्य ट्रेनिंग से स्वास्थ्य-लाभ उठाया है। विकलांग लोगों के रोजगार में भी स्थिर तौर पर वृद्धि हुई है साथ ही रोजगार के क्षेत्रों में भी इजाफा हुआ है। चीनी विकलांग संघ के उपाध्यक्ष और चीनी नेत्रहीन समिति के अध्यक्ष लि ची च्युन के अनुसार, विश्व मेले का जीवन और रोशनी भवन की स्थापना से विकलांग लोगों के मामलों का उच्च स्तर पर मूल्यांकन किया गया है जिसने समाज की सभ्यता के प्रति जागृत भावनाओं का भी प्रदर्शन किया है। उन्होनें कहाः
इस भवन के प्रचार ने समाज में लोगों को विकलांग लोगों के जीवन की कठिनाइयों को समझने का मौका दिया है। ताकि विकलांग लोगों के लिए जीवन की सुविधा, बाहरी वातावरण के निर्माण पर ज्यादा से ज्यादा जोर दिया जाए । उदाहरण के लिए यात्रा, यातायात व परिवहन की सुविधा, बाधामुक्त यातायात सुविधा का निर्माण इत्यादि। इन सबके अलावा सबसे महत्वपूर्ण, लोगों में विकलांग लोगों के प्रति नए विचारों का जन्म, जैसे बराबरी, सहायता, देखभाल आदि का सुधार जो कि विकलांग लोगों की हमलोगों से अपेक्षाएँ भी हैं, ये सभी भविष्य में पूरा होने की आशा है।















