Web  hindi.cri.cn
एक बढिया विश्व मेला आयोजित करें -- जापान के आईची प्रान्त के उप औद्योगिक श्रमिक मंत्री के साथ इन्टरव्यु
2010-05-06 10:18:02

श्रोता दोस्तों, आज हम शांगहाई विश्व मेला कार्यक्रम शुरू करेंगे। पवन आप लोगों का स्वागत करता है। अच्छा, पहले विश्व मेले के बारे में एक खबर सुनें ।

शांगहाई विश्व मेले के नेपाली राष्ट्र हॉल के प्रमुख बिनायक शाह ने आशा जताई है कि 6 महीनों के शांगहाई विश्व मेले के दौरान नेपाल अपने देश के विकास के लिए लाभदायक मौके हासिल कर सकेगा।

उन्होंने 12 अप्रैल को साक्षात्कार में कहा कि शांगहाई विश्व मेला दुनिया में नेपाल की छवि को उन्नत कर सकेगा। शांगहाई विश्व मेले के जरिये नेपाल जल संसाधन, पर्यटन एवं वाणिज्य आदि क्षेत्रों में और ज्यादा मौके पा सकेगा।

शाह ने कहा कि दुनिया के कई लोग यह नहीं जानते हैं कि नेपाल में प्रचुर संसाधन व पुरानी संस्कृति है। उनकी नजर में नेपाल एक अस्थिर व पिछड़ा देश है। लेकिन, यह सच्चाई नहीं है। शांगहाई विश्व मेले में पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ तक पहुंचेगी। यह नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण मौका होगा। नेपाल ने एक मंच तैयार किया है, जहां नेपाल की रंगीन संस्कृति का प्रदर्शन किया जा सकेगा और दुनिया सच्चे नेपाल को जान सकेगी।

श्रोता दोस्तो, जापान के आईची प्रान्त ने सन् 2005 में प्रकृति की बुद्धिमत्ता के विषय पर विश्व मेला आयोजित किया था। उस विश्व मेले में रोबोट, 3-डी तकनीक, स्वचालित बस आदि नई तकनीकों ने विभिन्न देशों से गए पर्यटकों को बहुत विशेष अनुभव दिया। इस के साथ आईची विश्व मेले की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या भी विश्व मेले के इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाकर 2 करोड़ 20 लाख तक पहुंच गयी। जापान में तैनात हमारे सी.आर.आई के संवाददाता श्ये होंग ने आईची प्रान्त में जाने का एक मौका प्राप्त किया। उन्होंने विश्व मेला आयोजित करने के अनुभवों पर स्थानीय नागरिकों के साथ इन्टरव्यु किया। अच्छा, लीजिए, सुनिए, श्ये होंग द्वारा लिखी गयी एक रिपोर्ट, एक बढिया विश्व मेला आयोजित करें -- जापान के आईची प्रान्त के उप औद्योगिक श्रमिक मंत्री के साथ इन्टरव्यु।

श्री टाडाशी इनोउए जापान के आईची प्रान्त के उप औद्योगिक श्रमिक मंत्री हैं। वे स्थानीय औद्योगिक विकास, व्यापार और पर्यटन आदि क्षेत्रों के कार्यों का प्रबंध देखते हैं। पिछली शताब्दी के 70 वाले दशक से अब तक श्री टाडाशी इनोउए सी.आर.आई की जापानी सेवा के श्रोता दोस्त हैं। उन्होंने हमारे संवाददाता का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने परिचय देते हुए कहा कि सन् 2005 में आईची विश्व मेले का विषय प्रकृति की बुद्धिमत्ता था। विश्व मेले में लोगों से पर्यावरण संरक्षण, जन संख्या, खाद्य पदार्थ, ऊर्जा समस्या आदि समस्याओं को महत्व देने की अपील की गयी थी। श्री टाडाशी इनोउए ने जोर देते हुए यह कहा कि लोगों को विश्व मेले में अपने सामने आईं समस्याओं को स्पष्ट करना चाहिए और अपनी कोशिश से इन समस्याओं को दूर करना चाहिए। लोगों को पर्यावरण संरक्षण की समस्या पर जोर देना चाहिए।

श्री टाडाशी के विचार में नागरिकों को विश्व मेले में भाग लेने के लिए उत्साहित करना बहुत महत्वपूर्ण है। लोगों के जीवन से संबंध जोड़ कर विश्व मेले का विकास आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा

इस से पहले विश्व मेले में भाग लेने वाले मुख्य सदस्य विभिन्न देशों की सरकारें, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं और कारोबार थे। लेकिन आईची विश्व मेले में आम लोगों को भी भाग लेने का मौका मिला। उदाहरण के लिए विश्व मेले के अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालयों में पहली बार नागरिक संग्रहालय स्थापित किया गया। यह नागरिकों के विश्व मेले में भाग लेने का एक मंच है। इस के अलावा आईची विश्व मेले में पृथ्वी नागरिक गांव भी स्थापित किया गया। विभिन्न स्वयं सेवकों ने भी इस क्षेत्र में गतिविधि आयोजित की। यह भी आईची विश्व मेले की एक बड़ी विशेषता थी। पहले के विश्व मेलों में आम लोग सिर्फ पर्यटकों के रुप में विश्व मेले की यात्रा कर सकते थे, लेकिन आईची विश्व मेले में नागरिकों ने भी विभिन्न देशों की सरकारों व संस्थाओं के साथ इस मंच में अपनी भूमिका निभाई।

आईची विश्व मेले के सफल आयोजन के लिए आईची प्रान्त ने विश्व मेले से पहले स्वयंसेवक संघ गठित किया था। श्री टाडाशी इनोउए ने स्वंय इस संघ के निदेशक बनकर स्वयं सेवा कार्यों में भाग लिया था। आईची स्वयंसेवक संघ ने विश्व मेले के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। आंकड़ों के अनुसार आईची विश्व मेले के आयोजन के समय 27000 लोग स्वयंसेवक बने। 1 लाख 10 हजार लोगों ने विभिन्न स्वयंसेवा के कार्यों में भाग लिया। अब तक आईची प्रान्त में स्वयंसेवकों को संगठित करने का कार्य भी जापान में सब से अच्छा रहा है। श्री टाडाशी के विचार में आईची विश्व मेले ने स्थानीय लोगों को बड़ा आध्यात्मिक लाभ पहुंचाया। उन्होंने कहा

हम ने विश्व मेले का सफल आयोजन किया। इस से स्थानीय नागरिकों को यह मालूम हुआ कि आम लोग विश्व मेले जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय गतिविधि में भाग ले सकते हैं। हम ने अपनी क्षमता पर विश्वास मजबूत किया। यह भी आईची विश्व मेले द्वारा हमें दिया गया सब से बड़ा आध्यात्मिक धन है। लोगों के मन में विश्वास मजबूत करना भविष्य में आईची प्रान्त के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ।

शांगहाई विश्व मेला भी आयोजित होने वाला है। श्री टाडाशी ने आईची विश्व मेले के सफल आयोजन के अनुभव के आधार पर यह सलाह दी कि शांगहाई विश्व मेले में नागरिकों को भाग लेने के लिए उत्साहित करना चाहिए। आम लोगों को विश्व मेले का प्रचार कार्य, चिकित्सा, गाईड आदि स्वयं सेवा कार्यों में भाग लेना चाहिए। इस से एक शहर की संस्कृति भी दिखायी जा सकेगी। उन्होंने कहा

आईची विश्व मेला समाप्त होने के बाद आईची प्रान्त में स्वयंसेवक का काम समाप्त नहीं हुआ है। नागरिक विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हैं। शांगहाई विश्व मेले में भी विभिन्न स्वयंसेवा के कार्यों पर जोर देना और स्वयंसेवा की भावना का प्रचार करना चाहिए। हमें आशा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग शांगहाई विश्व मेले को सफल बनाने में भाग ले सकेंगे।

अच्छा श्रोता दोस्तो, आज का शांगहाई विश्व मेला कार्यक्रम यहीं समाप्त होता है। अब पवन को आज्ञा दें, नमस्कार । (पवन)

संदर्भ आलेख
आप की राय लिखें
सूचनापट्ट
• वेबसाइट का नया संस्करण आएगा
• ऑनलाइन खेल :रेलगाड़ी से ल्हासा तक यात्रा
• दस सर्वश्रेष्ठ श्रोता क्लबों का चयन
विस्तृत>>
श्रोता क्लब
• विशेष पुरस्कार विजेता की चीन यात्रा (दूसरा भाग)
विस्तृत>>
मत सर्वेक्षण
निम्न लिखित भारतीय नृत्यों में से आप को कौन कौन सा पसंद है?
कत्थक
मणिपुरी
भरत नाट्यम
ओड़िसी
लोक नृत्य
बॉलिवूड डांस


  
Stop Play
© China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040