मैं शांगहाई विश्व मेले का शुभंकर हूं। मेरा नाम है हाईबाओ।
पहले मैं अपना परिचय दे दूं। मैं नीले रंग का एक छोटा सा बच्चा हूं,जिसके बाल लहर की तरह माथे से ऊपर नज़र आते हैं और मुस्कुराती हुई दो बड़ी-बड़ी आँखें भी दिखती हैं। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले 20 हजार से ज्यादा प्रतियोगियों में से मुझे शुभंकर के रूप में चुना गया है।'हाईबाओ 'मेरा नाम है।'हाई'का मतलब है समुद्र और'बाओ'का अर्थ निधि है। चीनी लोग अपने बच्चों का नाम 'बाओ 'रखना पसंद करते हैं,जिस से शुभ लगता है।मैं समुद्र में जन्मा था।इसलिए समुद्र पार से शांगहाई विश्व मेले में भाग लेने वाले देश,अंतर्राष्ट्रीय संगठन और व्यक्ति अवश्य ही मुझे निधि मानते हैं।वे मुझ से प्यार करते हैं और मेरा समर्थन करते हैं।आज के इस कार्यक्रम में मैं आप को शांगहाई विश्व मेले के उद्यान के दौरे पर ले जाऊंगा।
आइए सबसे पहले हम 'एक ध्रुव चार भवन ' देखते हैं। एक ध्रुव का पूरा नाम है विश्व मेले का ध्रुव औऱ चार भवन हैं चीनी भवन,कला-प्रदर्शनी भवन,विश्व मेला-केंद्र और मुख्य विषयक भवन।
विश्व मेले का ध्रुव वास्तव में शांगहाई विश्व मेले का प्रवेश-द्वार है और मेले के उद्यान के बीचोंबीच खड़े होकर उद्यान को दाएँ और बाएँ दो भागों में बांटता है। चीनी भवन,कला-प्रदर्शनी भवन,विश्व मेला-केंद्र और मुख्य विषयक भवन दाईं और बाईं तरफों से इस ध्रुव से जुड़ते हैं।इन पांच चीजों का पूरा आकार हवा से भरा पाल वाला एक विशाल नाव जैसा दिखाई देता है।चीनी भवन का मुख्य भाग लाल रंग का है। इस में दर्शक करीब से चीनी संस्कृति और चीनी फैशन की जानकारी पा सकते हैं। कला-प्रदर्शनी भवन शुद्ध कलात्मक वास्तुशैली में ह्वांगफु नदी के किनारे खड़ा है।चांदनी में वह किसी चमकते हुए शंख की तरह लोगों को आकर्षित करता है। शांगहाई विश्व मेले के दौरान इसमें तरह तरह के सांस्कृतिक और अन्य प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस साल के शांगहाई विश्व मेले का मुख्य विषय है 'बेहतर शहर, बेहतर जिन्दगी। '। इसकी विस्तृत जानकारी के लिए मेले में एक मुख्य विषयक भवन भी बनाया गया है।इस में दर्शकों को शहरों और जिन्दगी के बीच, ग्रहों व भविष्य के रिश्तों के बारे में व्यापक जानकारी मिल सकती है। विश्व मेला-केंद्र ऐसी जगह है,जहां विभिन्न अधिवेशनों,बैठकों व संवाददाता-सम्मेलनों का आयोजन होने के साथ-साथ अतिथियों का स्वागत करने या उन्हें दावत देने जैसे कार्यक्रम भी होंगे।
शांगहाई विश्व मेले के उद्यान में कई विदेशी प्रदर्शनी-भवन भी हैं। वे अलग-अलग शैलियों में अपने-अपने सौदर्य को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए ब्रिटिश भवन के बाहरी भाग में बिजली की कई लड़ियां सजाई गई हैं,जो हवा में हिलते हुए तरह-तरह के रंग और डिजाइन बनाती रहती हैं। स्पेनिश भवन की बाहरी दीवार बैंतों से निर्मित है,जो देखने में नाचने के समय पहने जाने वाले फ्लामिंगो स्टाइल वाले स्कर्ट जैसा नजर आती है। जापानी भवन तो एक बैंगनी रेशम-कोष की तरह है।संयुक्त अरब अमीरात का भवन रंग बदलते रेतीले टीले जैसा लगता है और सिंगापुर भवन एक क्रिस्टल संगीत-बाक्स के रूप में दिखता है।
हरेक देश के भवन में दर्शक उस देश की विशेष संस्कृति और परंपराओं के बारे में जान सकते हैं। फ्रांसीसी भवन में फांस के कई प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियां रखी गई हैं। डेनमार्क भवन में डेनमार्क की प्रतीक मूर्ति 'मर्मेड' प्रदर्शित की गई है।
इटालियन भवन में मुख्य रूप से पाककला के जरिए इटालियन लोगों की जीवन शैली को दिखाया गया है और ब्राजीली भवन में लोगों को फुटबाँल की लोकप्रियता व सांबा डांस का जोश जरूर नज़र आएगा।
विश्व मेले में उच्च विज्ञान व नई तकनीकें भी दर्शाई गई हैं। कई देश अपनी-अपनी नई विज्ञान-तकनीकी उपलब्धियां लेकर आए हैं। कोयले की कम खपत भी इस मेले का एक मुख्य लक्ष्य है। मेला परिसर में जो भवन ख़ड़े किए गए हैं,उन सब के निर्माण में काम आने वाली ऊर्जा और पानी जैसे संसाधनों की खपत पर काफी नियंत्रण रखा गया है औऱ ज्यादा सौर उर्जा व पुन:उत्पादित हो सकने वाली सामग्रियों का प्रयोग किया गया है। विश्व मेले के दौरान नई आविष्कृत उर्जा से संचालित 1000 से अधिक वाहनों के माँडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे।मेला परिसर में सेवारत सभी वाहन शून्य उत्सर्जन के होंगे।
शांगहाई विश्व मेले में कई रंगारंग सास्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए जाएंगे।184 दिनों तक चलने वाले मेले में 20 हजार शो आयोजित होंगे।जिन में दर्शक ब्रिटिश शाही बैले नृत्य मंडली,अमेरिकी फिलाडेल्फिया सिम्फोनी औकेस्ट्रा मंडली,दक्षिण अमेरिका व अफ्रीका के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सुन्दर संगीत व नृत्यों का लुत्फ ले सकते हैं।















