श्री काल्क प्रसाद कीर्ति ने अपने पत्र में यह भी कहा कि आज का तिब्बत में ल्हासा रेलवे स्टेशन मठ के रूप में बनाया गया है , छिंगहाई तिब्बत रेल मार्ग पर पहली जुलाई को यात्री की यात्रा शुरू हुई , जो विश्व का सब से ऊंचा रेल मार्ग है , जिस से चीन सरकार धन्य है ।
अब हम कलेर बिहार के मोहम्मद आसिफ खान का पत्र । उन्हों ने अपने इस पत्र में कहा कि सी .आर .आई हिन्दी सेवा से चीन भारत मैत्री प्रतियोगिता के लिए प्रसारित पांचों लेख मैंने सुना । इस में बतायी गयी सारी बातें चीन और भारत के बीच काफी ज्ञान वर्धक लगीं । व्यापार , संस्कृति , शिक्षा , मैत्री का इतिहास और चीन भारत संबंधों को विस्तारपूर्वक बताया गया । यही नहीं सी .आर .आई हिन्दी सेवा ने जो आज तक प्रगति की , सी .आर .आई हिन्दी सेवा के संस्थापक की जुबानी बातें सुन कर एसा लगा कि सी .आर.आई चांद की ऊंचाइयों को पार कर चुका है और अब मंगल ग्रह से भी ऊपर जाने को तैयार है । बुजुर्ज संस्थापक की एक बात थोड़ी संदेहात्मक लगी है । वो यो कि बी बी सी और आइस आफ अमरीका के बाद सी .आर .आई का तीसरा स्थान है । लेकिन मेरा विचार इस से भिन्न है , जहां तक श्रोताओं का सवाल है , ये सच है कि बी बी सी और आवइ आफ अमरीका को सुनने वाले श्रोताओं की संख्या अधिक हो सकती है , लेकिन 2005 और 2006 में सी .आर .आई के श्रोताओं की संख्या काफी बढ़ी है , पत्र सी आर आई को ही अधिक लिखते हैं , दूसरे सी .आर .आई पर श्रोताओं के प्रति प्रेम है ।
हम श्री मोहम्मद आसिफ खान को बहुत ही धन्यावाद देते हैं कि आप ने सी .आर .आई को बहुत बड़ा प्यार दिया है । आप जैसे श्रोता मित्रों के प्रबल समर्थन और प्यार से ही हमें प्रेरणा मिली और अपने प्रसारण को बी बी सी और आइस आफ अमरीका से आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
हमारे पास है मुजफ्फपुर बिहार के अमित रंजन का पत्र । उन के पत्र में ये बातें आप लोगों के लिए प्रस्तुत हैः
श्रोता वाटिका का अंक मुझे पहली बार मिला और पढ़ कर बहुत प्रसन्न हुआ । यह मात्र चार पृष्ठ में सी .आर .आई हिन्दी सेवा द्वारा बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति है । चंद्रिमा जी द्वारा अपनी भारत यात्रा का विवरण बहुत आकर्षक लगा और मेरे लिए यह जानने का अच्छा अवसर है कि एक चीनी नागरिक भारत को किस तरह देखता है । इस के लिए चंद्रिमा जी को विशेष रूप से हार्दिक धन्यावाद । श्रोताओं की रचना भी कुछ कम न थी , संभव हुआ , तो मैं भी अपनी एक कविता छपने के लिए भेड दूंगा ।
सी .आर .आई हिन्दी के यों तो मुझे सभी कार्यक्रम पसंद आते हैं , मगर चीन का भ्रमण , चीन का संक्षिप्त इतिहास , आप से मिले , चीन में निर्माण व सुधार , सवाल जवाब , विज्ञान ,शिक्षा और स्वास्थ्य , आप का पत्र मिला , चीनी बोलना सीखे , आप की पसंद तथा तिब्बत से जुड़ा हुआ सभी कार्यक्रम मुझे बहुत पसंद आते हैं । चीन का भ्रमण में लुशा पर्वत का सौंदर्य और सीमिंग शहर के बारे में सुना . लुशा पर्वत की मनमोहक तस्वीर मैं ने सी आर आई हिन्दी की वेबसाइट पर भी देखी और विस्मित हो गया । जहां चीन का बहुत बड़ा हिस्सा रंगिस्तानी है, वही इतने सुन्दर प्राकृतिक दृश्य है कि किसी का भी दिल चुरा ले जाए।
सी .आर .आई हिन्दी के कर्मचारीगण ने सिद्ध कर दिया है कि भाषा किसी खास भूभाग से बंधा नहीं होता , बल्कि उसे जो बोलना जानता है , उस का हो जाता है । जी हां , आप लोग बहुत अच्छी हिन्दी बोलते और लिखते हैं । चीनी बोलना सीखे सुनते वक्त मैं बहुत का शब्द ठीक ठीक नहीं समझ पाता हूं । श्रोता वाटिका में चीनी सीखने का पाठ पढ़ा , तब मुझे वह मालूम हुआ।
अब प्रस्तुत है जुट विकास टोल नेपाल के एडमंड पराजुली का पत्र सब से पहले पत्रचार विभाग में कार्यरत और सी आर आई हिन्दी सेवा में कार्यरत सभी कर्मचारियों को दूर के नियमित श्रोता की तरफ से निहाई स्वीकार कीजिए . मैं सी .आर.आई की हिन्दी सेवा से प्रसारित सभी कार्यक्रम नियमित रूप से सुनता हूं । मुझे सभी कार्यक्रम रोचक एवं ज्ञानवर्धक लगता है । चीनी लोग यानी कि आप सभी हिन्दी भाषा बोलते है , वह मुझे बहुत अच्छा लगता है । लगभग दो साल हो गए मैं सी आर आई की हिन्दी सेवा के कार्यक्रम सुनता आया हूं । एक विद्यार्थी होने के नाते पत्र लिखने में समय ही नहीं मिलता था , मगर मैं सभी कार्यक्रम नियमित रूप से सुनता है ।
सन् 2006 को चीन और भारत के बीच मैत्री वर्ष है , इसलिए मैं अपने और मेरे परिवार की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच मैत्री वर्ष सफल हो और सी .आर .आई की हिन्दी सेवा मैत्री वर्ष को सफल व सुमधुर बनाने की कामयाबी पाये ।
नेपाली श्रोता मित्र एडमंड पराजुली को धन्यवाद है कि नेपाली होने पर भी आप सी .आर .आई हिन्दी प्रसारण
सुनते हैं और पत्र लिखते हैं । यह यह आप का पहला खत है , पर हमें यकीन है कि आप आगे भी पढाई से समय निकाल कर हमें लिखते रहें और हमारी दोस्ती बढ़ती जाए । सी .आर .आई हिन्दी परिवार के सभी भाई बहन आप को शुभकामना देते हैं कि आप को पढ़ाई में अच्छे अच्छे अंक मिले और आप का भावी केरियर उज्जवल रहे ।















