जापान के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय नाभिकीय ऊर्जा एजेंसी ने 5 मई को वियना में फिर से यह बात दोहरायी।
एजेंसी के उप महानिदेशक डेनिस फ्लोरी ने कहा कि हालांकि पिछले दो सप्ताह में संबंधित पक्षों ने परमाणु संस्थापनों को ठंडा करने समेत कदम उठाए हैं, लेकिन परमाणु संयंत्र के नम्बर 1 व 3 जेनरेटर-सैटों में तापमान कम होने के बजाय थोड़ा बढ़ गया है।
इसके अलावा, वायु में विकिरण द्रव्य के गिरने और उच्च स्तरीय रेडियोधर्मी प्रदूषित जल की निकासी के चलते जापान के पास समुद्री क्षेत्रों में विकिरण द्रव्य का घनत्व बढ़ गया है। लेकिन फ्लोरी ने यह भी कहा कि हालांकि कुछ क्षेत्रों में विकिरण द्रव्य अभी भी गिर रहा है, लेकिन पहले की तुलना में इसकी मात्रा स्पष्ट रूप से कम हो गई है और प्रदूषित क्षेत्रों का क्षेत्रफल भी कम हो रहा है।
(ललिता)















