जापान के फुकुशिमा व एबाराकी आदि 7 क्षेत्रों में मां के दूध में कम मात्रा के रेडियोधर्मी आयोडीन व सीज़ियम मिले, लेकिन इसका शिशुओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। जापानी स्वास्थ्य, श्रम व कल्याण मंत्रालय ने 30 अप्रैल को इसकी घोषणा की।
मंत्रालय ने फुकुशिमा, एबाराकी व चिबा केन आदि क्षेत्रों के प्रसूति और अस्पतालों में प्राप्त मां के दूध के 23 नमूनों की जांच की। परिणामस्वरूप प्रति किलोग्राम मां के दुध में 2.2 से 8 बेकरल रेडियोधर्मी आयोडीन और 2.4 बेकरल सीज़ियम-137 मिले हैं। ये सभी प्रसूतियां फुकुशिमा परमाणु घटना होने के बाद के प्रारंभिक समय में परमाणु संयंत्र से 30 किलोमीटर के दायरे में रहती थीं।
हालांकि अब तक जापानी स्वास्थ्य, श्रम व कल्याण मंत्रालय ने मां के दूध में विकिरण द्रव्य की घनत्व का सुरक्षा मापदंड नहीं बनाया है, लेकिन दूध पाउडर के संबंधित मापदंड के मद्देनजर मां के दूध में इस मात्रा के रेडियोधर्मी आयोडीन व सीज़ियम का शिशुओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि प्रति किलोग्राम के दूध पाउडर में रेडियोधर्मी आयोडीन व सीज़ियम का सुरक्षा मापदंड अलग-अलग तौर पर 100 व 200 बेकरल है।
(ललिता)















