जापानी मौसम विभाग द्वारा 8 अप्रैल को जारी आंकड़ों के अनुसार 11 मार्च को जबरदस्त भूकंप आने के बाद जापान में कम से कम 20 ज्वालामुख सक्रिय होने लगे हैं। लेकिन अभी तक ज्वालामुखी विस्फोट होने का आसार नजर नहीं आया, जबकि अधिकांश ज्वालामुखियों की स्थिति सामान्य हो गयी है।
जापानी मौसम विभाग ने 8 अप्रैल को कहा कि भूकंप के कारणों पर अध्ययन करने के लिए जापान अप्रैल के अंत से मध्य जून तक समुद्र में एक नया समुद्री भूकंप-सूचक यंत्र स्थापित कर फुकुशिमा जिले से छिबा केन जिले तक के समुद्र के नीचे सर्वेक्षण करेगा।
उसी दिन जापानी भौगोलिक सर्वेक्षण संस्थान ने कहा कि भूकंप से आए सुनामी के कारण पूर्वी जापान की 507 वर्ग किलोमीटर की भूमि जलमग्न हो गयी है। भूकंप के बाद इवाटा केन जिले से छिबा केन जिले तक प्रशांत महासागर की तटीय पृथ्वी-परत एक महीने में पूर्व दिशा में 20 से 40 सेंटीमीटर खिसक गयी।
रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के कारण टोक्यो समेत 11 क्षेत्रों की हजारों इमारतें भूमिगत जल के स्तर में बढ़ोतरी होने की समस्या से गुजर रही हैं। और कुछ सड़कों व पार्कों का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है।
(मीनू)















