जापानी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने 6 अप्रैल को कहा कि फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र के नम्बर दो जनरेटर-सैट में जल-सह सामग्री डालकर अति रेडियोधर्मी बेकार पानी का उत्सर्जन खत्म किया गया। इस के अलावा नम्बर एक जनरेटर-सैट के हाइड्रोजन विस्फोट को रोकने के लिए इस कंपनी ने रिएक्टर्स में नाइट्रोजन डालने का भी फैसला किया।
उसी दिन जापान सरकार ने फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र के आसपास 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को अस्थायी रूप से अपने घर वापस जाने की मंजूरी दी। लेकिन वे लंबे समय के लिए नहीं ठहर सकेंगे। जापान सरकार ने एक विशेष संस्था स्थापित करने का फैसला भी किया और उसका काम परमाणु-रिसाव से पैदा हुए क्षतिपूर्ति सवालों का समाधान करना है।
4 अप्रैल से टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने समुद्र में कम रेडियोधर्मी बेकार पानी डालने का कार्य शुरू किया, ताकि अत्यधिक रेडियोधर्मी बेकार पानी के निपटारे के लिए और ज्यादा गुंजाइश हो सके। लेकिन इस कार्यवाही का विरोध कई देशों ने किया है। फ्रांस ने 6 अप्रैल को कहा कि फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र के रेडियोधर्मी बेकार पानी के उत्सर्जन के बारे में जापान ने बाहरी दुनिया को पर्याप्त जानकारी नहीं दी है। उसे आशा है कि जापान अपने कार्य की पारदर्शिता बढ़ाएगा।
उधर चीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस खबर की पुष्टि की कि चीन के पेइचिंग, थाइचिन, हनान आदि स्थानों में खुले स्थान में उगने वाले पालक में आयोडीन-131 का पता चला है। लेकिन वर्तमान में उस की मात्रा इतनी कम है कि लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। (मीनू)















