फ़्रास के पर्यावरण व अनवरत विकास मंत्री कोस्च्युस्को मोरिजट ने 4 अप्रैल को फ्रांसीसी मीडिया को दिए अपने साक्षात्कार में कहा कि फ़्रांस जापान के साथ फुकुशिमा दायची संयंत्र के परमाणु-रिसाव से निबटने में अधिक सहयोग करेगा,जिसमें परमाणु दूषित जल के साझे निबटारे को प्राथमिकता दी जाएगी।
कोस्च्युस्को मोरिजट ने कहा कि फ़्रास परमाणु दूषित जल के निबटारे में अव्वल स्तर पर है।फ्रांस के पास दूषित जल के निकासी और आखिरी निबटारे में समृद्ध अनुभव और प्रगतिशील तकनीक है,बल्कि फ्रास ने कब से ही असैनिक परमाणु सरंजामों का निर्माण शुरू किया है।
उधर जापान की टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने सोमवार को ऐलान किया कि वह फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र के कम स्तर के रेडियोधर्मी तत्व युक्त 11 हजार 500 टन दूषित पानी को निकालकर समुद्र में डालेगी।इस पानी में मिले रेडियोधर्मी तत्व का स्तर मापदंड के करीब 100 गुने बताया गया है।
गौरतलब है कि टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी परमाणु-रिसाव की घटना घटित होने के बाद पहली बार परमाणु दूषित पानी को समुद्र में बहाने की पहल करेगी।ऐसा करने का उद्देश्य उच्च स्तर के विकिरण युक्त पानी को रखने के लिए जगह खाली करना है।















