जापानी फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र में हुई परमाणु घटना से चीन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चीनी राजकीय परमाणु घटना आपात समन्वय समिति ने 28 मार्च को अधिकारिक तौर पर घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार जापानी फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र घटना की स्थिति स्थिर हो रही है। आसपास के पर्यावरण में रेडिएशन का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
विदेशी मीडियाओं की रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका आइसलैंड, फिनलैंड, फ्रांस, स्वीडन, कोरिया गणराज्य, तुर्की, रूस, कनाडा, फिलीपींस आदि देशों ने अपने देश में बहुत कम मात्रा में विकिरण बताया है। इनमें से कोरिया गणराज्य में पाये गये रेडिएशन की मात्रा सबसे अधिक है, जो प्राकृतिक पृष्ठभूमि विकिरण की मात्रा का कुछ हजारवां भाग है।
29 मार्च को चीन के उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, दक्षिणी, दक्षिण-पश्चिमी, उत्तरी-पश्चिमी, उत्तरी क्षेत्रों की हवा में विकिरण आयोडीन-131 का पता चला है, जिसकी मात्रा रॉक, भूमि, भवन, खाद्य-पदार्थ,सूरज आदि प्राकृतिक पृष्ठभूमि विकिरण की मात्रा के एक बटे लाख से कम है। वह नागरिक उड्डयन विमान से 2000 किलोमीटर की यात्रा करने के दौरान पाये गये कॉस्मिक रेडिएशन के एक बटे हजार के बराबर है, जिससे पर्यावरण व लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव नहीं पड़ेगा और लोगों को कोई सुरक्षात्मक कदम उठाने की जरूरत नहीं है।
मौसम संगठन, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पेइचिंग पर्यावरण आपात केंद्र, राजकीय समुद्र ब्यूरो, पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय(राजकीय परमाणु सुरक्षा ब्यूरो) की जांचों के परिणामों में बताया गया है कि अभी तक जापानी फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र घटना से चीन के पर्यावरण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। (मीनू)















