जापान के फुकुशिमा दायची परमाण संयंत्र की मरम्मत का काम 26 तारीख को भी धीमी गति से चला।रिएक्टरों के भीतर उपकरणों को समुद्री पानी से पहुंचने वाले क्षय से रोकने के लिए टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी पहले,दूसरे और तीसरे रिएक्टरों में ताप बुझाने के लिए मीठा पानी डाल चुकी है।
इस कंपनी की योजना के अनुसार 27 तारीख को पहले से चौथे रिएक्टरों में ईंधन रखने वाले तालाबों में भी मीठा पानी डाला जाना चाहिए।
फुकुशिमा दायची परमाणु संयत्र के पानी-निकासी द्वार के निकट समुद्री जल में उच्च शुद्धता वाला रेडियोआयोडिन पाया गया है,जिससे रेडियोधर्मी प्रदूषण और बढ़ गया है।
टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने कहा कि समुद्री जल में मिले रेडियधर्मी अवशेष संभवतः हवा में फैलने और इंटों व खपरैलों पर पड़ने के बाद बारिश से समुद्र में बहाए गए हैं।यह भी हो सकता है कि ये अवशेष रिएक्टों में पानी डालने के कारण जमीन के नीचे जमा होकर समुद्र में जा गिरे हैं।















