
जापान में फुकुशिमा प्रथम प्रमाणु संयंत्र के रिसाव से प्रभावित उत्तर-पूर्व क्षेत्र में जल व सब्जियों में रेडियोधर्मी पदार्थ की मात्रा का स्तर कभी बढ़ता है, कभी कम होता है। 25 मार्च को कुछ क्षेत्रों में शिशुओं के पेय जल पर लगाए जाने वाला प्रतिबंध उठाया गया है। लेकिन नाभिकीय संकट से पैदा खाद्य पदार्थों की सुरक्षा वाला संकट जारी रहेगा।
जापान की शिशु स्वास्थ्य से ज़ुड़े तीन समितियों ने 25 मार्च को आपात वक्तव्य जारी कर शिशुओं के पेयजल की गारंटी देने की अपील की। वक्तव्य में कहा गया है कि पानी की कमी से शिशुओं पर प्रभाव पड़ेगा। अगर वैकल्पिक पानी नहीं मिले, तो पेयजल का प्रयोग किया जाए।
जापान सरकार ने फुकुशिमा केन व कुम्मा केन आदि क्षेत्रों में रेडियोधर्मी पदार्थ से प्रभावित सब्जियों के व्यापार पर पाबंदी लगाई है।
(ललिता)















