अनेक दिनों के प्रयासों के बाद इस संयंत्र में राहत-कार्य सकारात्मक दिशा में चल निकला है।22 तारीख को संयंत्र के सभी छठे रिएक्टरों के बाहरी हिस्सों से बिजली की तार जुड़ने में कामयाबी हासिल हुई।इस तरह बाहर से बिजली को स्वीकारने की स्थितियां तैयार हो गई है।रिएक्टरों के भीतर संबद्ध उपकरणों को सामान्य तय किए जाने के बाद कूलिंग-सिस्टम को यथाशीघ्र पुनःचालू किया जाएगा।
टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने इस बात की पुष्टि की कि फुकुशिमा दायची संयंत्र के नजदीक जल क्षेत्र में रेडियाधर्मी तत्वों की मात्रा मानक से ऊपर पाई गई।इस से जाहिर है कि परमाणु प्रदूषण थल और हवा से फैलकर समुद्र तक पहुंचा है।कंपनी ने विश्लेषण करने के बाद कहा कि रेडियोधर्मी तत्व संभवतः बारिश के चलते समुद्र में जा गिरे हो या रिएक्टरों पर पानी बरसाने के कारण जमीन के नीचे जमा हो गए हो।
जापानी मंत्री-परिषद के सचिवालय के प्रमुख एडानो युकियो ने सोमवार को कहा था कि जापान सरकार के पास अब भी ऐसी कोई योजना नहीं है,जिसके अनुसार इन क्षेत्रों के दायरे को बढाया जाएगा,जहां से लोगों को निकाला जाना है।
अन्य एक रिपोर्ट के अनुसार 23 तारीख को फुकुशिमा केन में रिएक्टर पैमाने पर 6.0 और 5.8 तीव्रता वाले दो भूकंप आए,लेकिन इनसे परमाणु संयंत्र को नया नुकसान नहीं पहुंचा।बुधवार की सुबह 9 बजे तक जापान में भूकंप व सुनामी से मरने वालों की संख्या 9301 और लापता लोगों की तादात 13 हजार 786 पुष्ट की गई है।















