जी-7 ने 18 मार्च को एक साथ विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया, ताकि जापान में जबरदस्त भूकंप के बाद अमरीकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में तेज वृद्धि होने की प्रवृत्ति को रोका जा सके। इस से टोक्यो विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले येन कमजोर होकर करीब 80 पर पहुंच गया।
उसी दिन जी-7 के केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष व वित्तीय मंत्री ने आपात फोन बैठक बुलाई। उन्होंने मौजूदा मुश्किल समय में जापान की सहायता करने और किसी भी समय जापान सरकार के साथ कदम उठाने की इच्छा व्यक्त की। बैठक में भाग लेने वालों ने साथ ही में जोर देते हुए कहा कि उनका जापानी अर्थव्यवस्था व वित्तीय क्षेत्र के लचीलेपन में विश्वास है।
इसके बाद जापान, अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा व यूरोपीय संघ ने अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में एक साथ येन बेचकर डॉलर खरीदे, जिससे येन की विनिमय दर में कमी हुई और टोक्यो शेयर बाजार में वृद्धि हुई।
(नीलम)















