भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय से 16 मार्च को मिली खबर के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नई दिल्ली में भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) के संबंधित प्रभारियों को बुलाकर जापान के परमाणु बिजली संयंत्र की रिसाव घटना को लेकर भारत के भीतर परमाणु बिजली संयंत्रों की सुरक्षा पर विचार विमर्श किया।
सिंह ने कहा कि जापान में परमाणु बिजली संयंत्र की रिसाव घटना से भारत को चेतावनी मिली है। संबंधित विभागों को परमाणु उपकरणों की सुरक्षा मज़बूत करनी चाहिए। एईसी और एईआरबी के प्रभारियों ने बैठक के बाद कहा कि वे भारत के सारे परमाणु बिजली संयंत्रों की तकनीकी सुरक्षा की जांच करेंगे।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने हाल ही में कहा है कि भारत के 20 परमाणु बिजली संयंत्रों में सिर्फ दो के रिएक्टर-सैटों की डिजाईन बॉइलिंग वॉटर रिएक्टर है, जो जापान के फुकुशिमा परमाणु बिजली संयंत्र के समान है। बाकी रिएक्टर-सैट अलग डिज़ाइन अपनाया जाता है, जिस की सुरक्षा में कोई सवाल नहीं है।
सिंह ने 14 मार्च को संसद में सुरक्षा समस्याओं से संबंधी उत्तोत्तर में कहा कि सरकार ने देश के भीतर सारे परमाणु बिजली संयंत्रों की तकनीकी सुरक्षा जांच करने का आदेश दिया है, ताकि निश्चित किया जाए कि ये उपकरण भूकंप व सुनामी आदि प्राकृतिक आपदाओं में सुरक्षित होंगे या नहीं।
(दिनेश)















