जापान में हुए जबरदस्त भूकंप से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। इधर के दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय वहां की स्थिति पर 15 मार्च को जापान की इवाटे केन में चीनी अंतरराष्ट्रीय राहत दल का राहत कार्य दूसरे दिन में प्रवेश गया। वास्तविक स्थिति और जापान की मांगों के अनुसार चीनी अंतरराष्ट्रीय राहत दल ने उसी दिन राहत कार्य में जीवित व्यक्ति की खोज और मृतकों के शवों की खोज पर जोर दिया।
संयुक्त राष्ट्र संघ ने जापान में 7 विशेषज्ञों से गठित एक दल भेजकर अंतरराष्ट्रीय राहत कार्यवाही के समन्वय में जापान को मदद दी। अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था, विश्व स्वास्थ्य संगठन आदि संयुक्त राष्ट्र के अधीनस्थ विशेष संस्थाएं जापान के साथ घनिष्ठ संपर्क कर रही हैं, सूचनाओं का समान उपभोग कर पीड़ित क्षेत्रों की स्थिति पर ध्यान दे रही है।
सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, फिलीपींस, इटली, इसराइल आदि देशों की सरकारों ने राहत कार्य में हिस्सा लेने के लिए अपने-अपने चिकित्सक व बचाव दल भेजे हैं। रूस ने 14 मार्च को दूसरे खेप वाले राहतकर्मियों को भेजे हैं और जापान की मांगों के मुताबिक उसे 2 लाख टन की तरल प्राकृतिक गैस देने का फैसला किया है। इस के अलावा ईरानी विदेश मंत्री ने जापानी विदेश मंत्री से दो बार फोन करके जापान को आवश्यक मानवीय सहायता देने को कहा है।
15 मार्च को जापानी पुलिस ब्यूरो से मिले आंकड़ों के अनुसार इसी दिन रात को 20 बजे तक भूकंप व सूनामी से कुल 3373 लोगों की मौत हुई और अन्य 6746 लापता हुए।
(मीनू)















