उत्तर-पूर्व जापान के समुद्री क्षेत्र में 11 मार्च को दोपहर रिक्टर पैमाने पर 8.8 तीव्रता वाला भूकंप आया, जिससे जबरदस्त सुनामी भी आया और बड़ा नुकसान पहुंचा है। भूकंप के बाद कई देशों व अन्तरराष्ट्रीय संगठनों ने संवेदना व्यक्त की और आवश्यक सहायता देने का वचन दिया।
विश्व बैंक के महा निदेशक रोबर्ट जोएरिक ने जारी अपने वक्तव्य में जापान के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की और जापान सरकार व जनता को समर्थन देने को कहा। जोरिक का कहना है कि विश्व बैंक भूकंप से विभिन्न देशों में पैदा निहित प्रभाव पर निगरानी करेगा और समर्थन देने में तैयार है।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणू ऊर्जा संस्था के महा निदेशक युकिया अमानो ने कहा कि अब संस्था सभी तैयारी कर चुकी है, वह जापान सरकार की मांग के मुताबिक सभी तरीकों की तकनीकी सहायता करेगी।
यूरोपीय आयोग ने भूकंप व सूमानी से ग्रस्त जापान की मदद के लिए नागरिक सुरक्षा आपात व्यवस्था शुरू करने का एलान किया। यूरोपीय आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जापान ने उससे राहत कर्मचारियों व कुत्तों को भेजने की मांग की है।
चीनी प्रधानमंत्री वन च्यापाओ ने जापानी प्रधानमंत्री कान नाओटो को फोन किया और चीन सरकार की ओर से जापान सरकार व जनता के प्रति गहरी सहानुभूति प्रगट की। उन्होंने कहा कि चीन जापान को आवश्यक सहायता देने को तैयार है।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने ह्वाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि भूकंप से जापान में विनाशकारी परिणाम पैदा हुआ है। अमेरिका सहायता देने को तैयार है। जापान में तैनात अमेरिकी सेना के पास एक विमान वाहक जहाज़ है। ओबामा ने राहत कार्य के लिए एक और विमान वाहक जहाज़ जापान को भेजने का आदेश दिया।
जर्मन सरकार द्वारा जारी न्यूज विज्ञप्ति के मुताबिक ब्रसेल्स में यूरो देशों के विशेष शिखर सम्मेलन में उपस्थित प्रधानमंत्री एंगला मेर्केल ने कहा कि जर्मनी न सिर्फ भावी कुछ दिनों में, बल्कि लम्बे समय में जापान के पुनःनिर्माण में हिस्सा लेगा। जर्मन तकनीक राहत संस्था ने टोक्यो में 4 विशेषज्ञों से गठित एक कार्य दल भेजा है और थोड़ी देर के बाद 40 तकनीकी राहत कर्मचारी भी जापान जाएंगे।
अमेरिका की यात्रा कर रहे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री रेने गिरार्ड ने 12 मार्च को जापान के प्रति संवेदना प्रगट की। ऑस्ट्रेलिया सरकार जापान की मांग के अनुरोध पर राहत कर्मचारियों को भेजेगी। न्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री जोन केई ने देश के ऑकलैंड शहर में कहा कि 48 कर्मचारियों से गठित एक राहत दल आगामी 2 दिनों में जापान पहुंचेगा और प्रथम खेप वाले 6 राहत कर्मचारी 12 मार्च की रात को जापान के लिए रवाना हुए हैं।
इनके अलावा, कनाडा, रूस, फिनलैंड और सिंगापुर आदि देशों ने भी क्रमशः जापान को आवश्यक सहायता देने को कहा है।
(ललिता)















