छिंगहाई प्रांत के युशू में भूकंप आने के बाद चीनी सेना व पुलिस ने राष्ट्राध्याक्ष हू चिनथाओ का निर्देश लेकर जल्द ही भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। इन दिनों विदेशी मीडिया ने चीनी सेना के राहत कार्य का अच्छा मूल्यांकन किया।
विदेशी मीडिया का मानना है कि चीनी सेना अच्छी तरह से प्रशिक्षित की गई है। राहत कार्य करने की प्रतिक्रिया बहुत तेज़ है। 14 अप्रैल को एजेंसी फ़्रांस प्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप आने के बाद चीन सरकार ने तुरंत ही पहले जत्थे में 700 सैनिक समेत राहत दल भेजे। 15 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र ऊंचे पठार पर स्थित होने के कारण राहत कार्य की गति बाधित हुई। भारी भरकम उपकरणों की कमी के कारण राहतकर्मियों ने अपने हाथों से खंडहर खोदे। चीनी जन मुक्ति सेना ने राहत कार्य में भाग लेने के लिए 100 पैराशूट सैनिक और 1500 अन्य सैनिक भेजे।
सिंगापुर की ल्यनहज़्याओबाओ समाचार एजेंसी ने 14 अप्रैल को एक रिपोर्ट की, जिसके अनुसार भूकंप आने के बाद छिंगहाई सशस्त्र पुलिस बल ने 3700 से ज्यादा सैनिकों को शीनिंग और गोलमुड से राहत कार्य करने के लिए भेजा। लान्चो सैन्य क्षेत्र ने भी कई राहत दल भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में भेजे। वायु सेना ने जल्द ही 3 हवाई जहाज़ राहत कार्य में तैनात किए। कई जन मुक्ति सेना और सशस्त्र पुलिस बलों के सैनिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने का अनुमान भी है। द एसोसिएटेड प्रेस का मानना है कि हालांकि बचाव कार्य के लिए स्थानीय स्थिति खराब है, लेकिन आपात स्थिति के प्रति चीनी सेना की प्रतिक्रिया अच्छी तरह से प्रशिक्षित है।
कई विदेशी मीडिया ने कहा कि चीनी सेना बहुत खराब स्थिति में राहत कार्य कर रही है। रायटर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप प्रभावित च्येगू कस्बा छिंगहाई-तिब्बत पठार पर स्थित है, जिसकी ऊंचाई समुद्र सतह से लगभग 4000 मीटर है। रात को तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के नीचे चला जाता है, वहीं तेज़ हवा भी है। ब्रिटेन के डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के सामने एक बड़ी समस्या वहां चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की कमी है। राहतकर्मियों के सामने भी कई समस्याएं हैं, जैसे रास्ते की कमी, तेज़ हवा और बर्फ तूफान, उच्च ऊंचाई से हुई बीमारी आदि। लेकिन ऐसी स्थिति में चीनी सैनिक राहतकर्मियों के साथ लोगों की जान बचा रहे हैं।
(दिनेश)















