जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था का तिब्बत में सफल कार्यान्वयन

2022-08-07 15:30:01

चीन एक एकीकृत बहु-जातीय देश है। हान जातीय लोगों की संख्या देश की कुल जनसंख्या का 90 प्रतिशत से अधिक है, जबकि तिब्बत समेत अन्य 55 जातीय लोगों की संख्या थोड़ी कम है, इसलिए इन्हें अल्पसंख्यक जाति कहा जाता है। अल्पसंख्यक जातीय लोगों के समानता और स्वशासन का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए चीन सरकार ने अल्पसंख्यक जातीय क्षेत्रों में जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था लागू की।

जातीय क्षेत्रीय स्वशासन की कार्यान्वयन रूपरेखा 9 अगस्त, 1952 में लागू की गई। इसमें जातीय क्षेत्रीय स्वशासन क्षेत्र की स्थापना, स्वशासी संगठनों के गठन, स्वशासन अधिकार आदि विषयों को स्पष्ट शब्दों में निधार्रित किया गया। इस साल चीन में जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था के कार्यान्वयन की 70वीं वर्षगांठ है।

जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था चीनी समाजवादी व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग है। समाजवादी व्यवस्था में सभी अधिकार जनता के हैं। सरकार सभी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करती है। अर्थव्यवस्था, राजनीति, संस्कृति, समाज, पारिस्थितिकी और क्षेत्रीय मामलों के प्रबंध आदि में अल्पसंख्यक जातीय क्षेत्रों के स्वशासन अधिकार हैं। यह जातीय क्षेत्रों में समाजवादी लोकतंत्र का ठोस प्रतीत है।

वर्ष 1951 में शांतिपूर्ण मुक्ति और वर्ष 1959 में लोकतांत्रिक सुधार के बाद वर्ष 1965 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की स्थापना हुई, तब से तिब्बत में जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था लागू होने लगी। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश चीन में पांच प्रांत स्तरीय क्षेत्रों में से एक है। तिब्बत की जन प्रतिनिधि सभा और सरकार स्वशासन संगठन होने के साथ देश की क्षेत्रीय प्राधिकारी भी है, जो क्षेत्र की ठोस स्थिति के अनुसार देश के कानून और नीति का कार्यान्वयन करती है।

जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था के तहत तिब्बत में आर्थिक और सामाजिक विकास में लगातार प्रगति हुई। इससे विभिन्न जातीय लोगों को फायदा मिला और नागरिकों के जीवन व विकास अधिकार की सुनिश्चितता प्रदान की गई। वर्ष 1965 में तिब्बत में क्षेत्रीय उत्पादन मूल्य सिर्फ 32 करोड़ 70 लाख युआन था। वहीं, वर्ष 2022 की पहली छमाही में क्षेत्रीय उत्पादन मूल्य 97 अरब 32 करोड़ 40 लाख युआन तक जा पहुंचा।

इस साल की पहली छमाही में तिब्बत ने 89 देशों और क्षेत्रों के साथ 2 अरब 18 करोड़ 20 लाख युआन का आयात-निर्यात किया। निवासियों का जीवन स्तर उन्नत हुआ। पहली छमाही में शहरों और कस्बों के निवासियों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय 23,975 युआन रही, जो वर्ष 2021 की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। सीपीआई की वृद्धि दर 0.9 फीसदी रही।

दशकों के प्रयास के बाद जातीय क्षेत्रीय स्वशासन व्यवस्था में तिब्बत में विभिन्न जातीय लोग समानता, एकता, पारस्परिक सहायता और सामंजस्य से रहते हैं। सभी चीनी लोग इस व्यवस्था का समर्थन करते हैं।

(ललिता)

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