एनपीसी की स्थाई समिति के प्रवक्ता ने अमेरिकी संसद की स्पीकर के थाइवान जाने पर बयान जारी किया

2022-08-03 00:10:22

2 अगस्त को अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी चीन का थाइवान क्षेत्र गयी। इस बारे में चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) की स्थाई समिति के प्रवक्ता ने बयान जारी किया।

बयान में कहा गया कि 2 अगस्त को अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने चीन के मजबूत विरोध और गंभीरता से उठाये गये मामलों की अवहेलना करते हुए थाइवान का दौरा किया, जिसने एक-चीन सिद्धांत और चीन-अमेरिका तीन संयुक्त विज्ञप्तियों का गंभीर उल्लंघन किया, चीन-अमेरिका संबंधों की राजनीतिक नींव पर गंभीर प्रभाव डाला, चीन की संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता को नुकसान पहुंचाया, और "थाइवान स्वतंत्रता" अलगाववादी ताकतों को गंभीर गलत संकेत भेजा है। एनपीसी इसका पुरजोर विरोध करती है और इसकी कड़ी निंदा करती है।

दुनिया में केवल एक ही चीन है। थाइवान चीन का एक अविभाज्य हिस्सा है। चीन लोक गणराज्य की सरकार पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र वैध सरकार है। एक-चीन सिद्धांत चीन और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का आधार है और चीन-अमेरिका संबंधों की राजनीतिक नींव भी है। अमेरिका ने थाइवान के मुद्दे पर चीन के प्रति गंभीर प्रतिबद्धताएं की हैं, लेकिन वह अपनी कार्रवाइयों में अमेरिका और थाइवान के बीच वास्तविक संबंधों और आधिकारिक आदान-प्रदान का लगातार सुधार करता है, "थाइवान स्वतंत्रता" का समर्थन करता है, थाइवान मसले से चीन को नियंत्रित करने का प्रयास करता है, जिसने थाइवान जलडमरूमध्य की शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। चीन सरकार और चीनी लोग देश की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए निर्णायक और प्रभावी कदम उठाते रहेंगे और आगे भी करते रहेंगे।

थाईवान मामला चीन की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता से संबंधित है। चीन कभी रियायत नहीं देगा। थाईवान सवाल पर चीन सरकार और चीनी लोगों का रुख कभी नहीं बदलेगा। चीन के एकीकरण और चीन के महान राष्ट्रीय पुनरुत्थान में बाधा डालने वाली कोई भी साजिश अवश्य ही विफल होगी।

रेडियो प्रोग्राम