लाहू जातीय लड़की कनासी का कॉफी हाउस

2022-07-20 10:34:40

चीन की लाहू जाति की 24 वर्षीय लड़की कनासी पिछले साल विश्वविद्यालय से स्नातक हुई। उसने शहर में काम करने का मौका छोड़कर गृहनगर लौटने का निर्णय लिया। कनासी ने अपने गृहनगर दक्षिण पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत के फूअर शहर स्थित पानली गांव में कॉफी हाउस खोला।

पानली गांव में लाहू जातीय लोग ज्यादा रहते हैं। दूरदराज के इलाके में रहने के कारण यहां पर गरीबी दर 42 प्रतिशत थी। गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण पुनरुत्थान बढ़ाने के चलते पानली गांव में बड़ा परिवर्तन हुआ।

वर्ष 2019 से शांगहाई शहर और युन्नान प्रांत की सहायता में पानली गांव ने जातीय सांस्कृतिक संसाधन पर निर्भर रहते हुए औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक पर्यटन को साथ में बढ़ाने वाले सुंदर गांव का निर्माण शुरू किया।

अधिकाधिक यात्रियों के आने के चलते कनासी ने गृहनगर वापस जाकर व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। स्थानीय सरकार की सहायता में उसने वर्ष 2021 में च्वोच्वो नाम का एक कॉफी हाउस खोला। गांववासियों को भी कॉफी पीने का मौका मिला। कॉफी हाउस में पाँच कर्मचारी हैं, जो सब पानली गांव के रहने वाले हैं। कनासी आशा करती है कि और अधिक स्थानीय युवाओं को गांव में रोजगार मिलेगा।

अब पानली गांव में बुनियादी संस्थापन, रहने के वातावरण और औद्योगिक विकास में बड़ा परिवर्तन हुआ। प्रति व्यक्ति शुद्ध आय वर्ष 2018 की 3,847 युआन से बढ़कर वर्ष 2021 की 7,673 युआन तक जा पहुंची। हालांकि गांव फिर भी दूरदराज इलाके में रहता है, लेकिन कभी गरीब नहीं होगा।

(ललिता)

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