ब्रिटिश राजनीतिज्ञों को हांगकांग मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं

2022-07-03 16:41:09

हांगकांग की वापसी की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जोनसन और ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस ने दावा किया कि ब्रिटेन की चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान के तहत हांगकांग के नागरिकों के प्रति ऐतिहासिक जिम्मेदारी है और ब्रिटेन हांगकांग को नहीं छोड़ेगा ।यह हास्यास्पद राजनीतिक प्रदर्शन है ।इस से जाहिर होता है कि पूर्व उप निवेशक वर्तमान तथ्य स्वीकार नहीं करना चाहते और हांगकांग और चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का दिवा-स्वप्न देख रहे हैं ।

 

चीन सरकार और ब्रिटिश सरकार ने दिसंबर 1984 में चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किये ।इस का उद्देश्य हांगकांग की वापसी के सवाल का समाधान करना है ,जिसका केंद्रीय विषय हांगकांग पर चीन की प्रभुसत्ता की बहाली है ।संयुक्त बयान के अनुसार 1 जुलाई 1997 को हांगकांग की चीन में वापसी के बाद ब्रिटेन की हांगकांग पर प्रभुसत्ता नहीं है ,शासन अधिकार नहीं है और निगरानी का अधिकार भी नहीं है ।इस का मतलब है कि ब्रिटेन को हांगकांग के मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है ।

 

हांगकांग का विकास अच्छा है या नहीं ।यह तथ्यों पर निर्भर करता है ।वापसी के बाद के 25 वर्षों में हांगकांग का विकास निर्विदित है ।हांगकांग में एक देश दो व्यवस्थाओं के कार्यांवयन में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है ।वर्तमान में हांगकांग विश्व में सबसे मुक्त आर्थिक समुदाय ,अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र ,अंतरराष्ट्रीय परिवहन केंद्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र बना हुआ है ।हांगकांग के समाज में देश और हांगकांग से प्यार करना मुख्य धारा है । ऐसे में पूर्व उप निवेशकों के लिए कोई गुंजाइश नहीं है ।(वेइतुंग)

 

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