Web  hindi.cri.cn
    टी टाइम 170309(अनिल और नीलम)
    2017-03-09 15:57:06 cri

    टी-टाइम

    अनिलःटी-टाइम के नए अंक के साथ हम फिर आ गए हैं, आपका मनोरंजन करने। जी हां,आपके साथ चटपटी बातें करेंगे और चाय की चुस्कियों के साथ लेंगे गानों का मजा,25 मिनट के इस प्रोग्राम में। इसके साथ ही प्रोग्राम में श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं भी होंगी शामिल। तो जल्दी से हो जाइए तैयार।

    चलिए प्रोग्राम शुरू करते हैं।

    सबसे पहले आप सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देना चाहते हैं। जैसा कि आप जानते हैं, 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कई देशों में इस मौके पर महिलाओं को एक दिन की छुट्टी दी जाती है।

    चलिए इस अवसर पर हम आपको बताने जा रहे हैं, महिलाओं से जुड़ी जानकारी।

    भारत की पहली महिला हॉकर अरीना खान के बारे में बात करते हैं। वैसे कहते हैं हैं न, लड़कियां किसी लड़के से कम नहीं और जरूरत पड़ने पर लड़को को पछाड़ भी सकती हैं। इस बात को सच कर दिखाया है जयपुर की रहने वाली अरीना ने।

    महज़ नौ साल की उम्र से ही अरीना जयपुर के अलग अलग इलाके में अखबार बांटती आयी है, जिसकी वजह से उन्हें देश की पहली महिला हॉकर की उपाधि दी गयी है। उनके पिता सलीम खान खुद एक अखबार हॉकर थे। लेकिन टाईफॉएड होने के कारण उनके पिता काम नहीं कर पा रहे थे। शुरुआत में वह अपने पिता के साथ ही अख़बार देने जाया करती थी। लेकिन बीमारी के कारण उसके पिता की मौत हो गयी। उसके बाद से उसने अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाते हुए खुद अकेले अखबार बेचना शुरू कर दिया। वह सुबह पांच बजे से आठ बजे के बीच घरों में अख़बार बांटने जाया करती हैं।

    वाकई में बड़ी प्रेकर कहानी है, अरीना ख़ान की। महिला दिवस के मौके पर हम उन्हें बधाई देना चाहते हैं।

    दोस्तो, हाल ही में बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया, इस दौरान हमें चीन में हिंदी के प्रोफेसरों के साथ बात करने का मौका मिला।

    सबसे पहले पेश करते हैं, पेकिंग विश्वविद्लाय में हिंदी के प्रोफ़ेसर के.एन. तिवारी के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश।

    ......बातचीत.....

    लीजिए दोस्तो, प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए सुनते हैं, एक और महिला के बारे में जानकारी। जैसा कि हम टी-टाइम प्रोग्राम में पहले भी बता चुके हैं।

    दुनिया की सबसे वजनी महिला इमान अहमद का मुंबई में इलाज शुरू हो चुका है। करीब एक महीने के बाद उनके वजन में लगातार कमी देखी जा रही है। अभी सर्जरी नहीं हुई है पर उनका वजन 120 किलो कम हो चुका है। डॉक्टर इसे बेहतर संकेत मान रहे हैं। वहीं, लगातार वजन घटने से इमान की दिनचर्या भी सुधर रही है। अब वे खुद से उठ-बैठ सकती हैं।

    अब लीजिए आपको सुनाते हैं एक और इंटरव्यू, प्रोफ़ेसर, च्यांग चिंग ख्वेई के साथ, जो कि हैं तो चीनी व्यक्ति, लेकिन हिंदी से उनका लंबा नाता रहा है। वह पेकिंग यूनीवर्सिटी में तमाम चीनी छात्रों को हिंदी पढ़ा चुके हैं।

    ......बातचीत....

    प्रोग्राम में अब बात करते हैं, इनोवेटिव बच्चों की।

    वैसे अधिकतर पैरेंट्स बच्चों की शरारतों से तंग रहते हैं, लेकिन ये शरारतें जब इनोवेशन में तब्दील हो जाएं तो दुनिया का चौंकना लाजिमी है।

    बचपन में खिलौनों से खेलने, तोडऩे और उन्हें फिर से असेंबल करने के शौक ने एक युवा को इनोवेटर बना दिया। आठवीं क्लास में रोबोट बनाया, 11 वीं में दो बाइक को जोड़कर कार और अब एक ऐसा कंट्रोलर बनाया है जिससे 13 डिवाइसेज एक साथ कंट्रोल की जा सकती हैं। ये हैं राजस्थान के रहने वाले इंजीनियरिंग फस्र्ट ईयर के स्टूडेंट खुशहाल सैनी।

    इन्होंने अपने रूम को हाईटेक डिजाइन किया है। हार्डवेयर के मास्टर हैं। इनके रूम में एंट्री के लिए हाईटेक गेट लगा है। रूम इंफ्रारेड कार्ड और पासवर्ड डालने से खुलता है। खुशहाल बताते हैं, कमरे के एसी, पंखा, लाइट, कर्टेन समेत कई डिवाइसेज वाई-फाई से कनेक्ट हैं। उनकी तालियों की आवाज सेंसर और स्विच से जुड़ती है। इसके लिए विशेष हार्डवेयर एम्बेडेड सिस्टम तैयार किया है। जो सेंसर और सॉफ्टवेयर से जुड़कर काम करता है। एसी के टेम्प्रेचर से लेकर कई पंखे की स्पीड को ऑपरेट करना इससे चुटकियों में आसान हो जाता है। कई बार हमें स्मार्टफोन को बैटरी कम होने के कारण रात-भर चार्जिंग पर लगाकर सोना पड़ता है। खुशहाल ने इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए भी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर डिवेलप किया है। इससे टाइमर सेट किया जा सकेगा और एक या दो घंटे में मोबाइल चार्ज होने के बाद अपने आप ही स्विच ऑफ हो जाएगा। इससे फोन की ओवरचार्जिंग की समस्या खत्म होगी।

    दोस्तो, क्या आपको पता है। पढ़ना-लिखना हमारी हेल्थ के लिए अच्छा भी होता है। पता लगा है कि पढ़ने से व्यक्ति उदार ह्रदय होता है, एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि इससे हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है, साथ मेंटल हेल्थ भी अच्छी रहती है। शोधकर्ताओं ने शिक्षा और हार्ट के बीच के संबंधों पर स्टडी की, तो उन्हें आश्चर्यजनक रूप से चौंकाने वाले नतीजे मिले।

    इक्वलिटी इन हेल्थ नाम के एक अंतरराष्ट्रीय हेल्थ जनरल में इस अध्ययन में छपी ये रिपोर्ट 45 साल से अधिक उम्र वाले 2,37153 महिला पुरुषों पर की गई। इस रिसर्च में पाया गया कि कम पढ़ने लिखने वालों को स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। ऐसे अधेड़ व्यक्ति जिन्होंने ग्रेजुएशन या उससे ऊपर की उच्च शिक्षा नहीं ली है। जबकि यूनिवर्सिटी स्तर की पढ़ाई करने वालों की अपेक्षा उनमें स्ट्रोक का खतरा पचास फीसदी अधिक होता है।

    अब सुनते हैं, बीजिंग फ़ॉरेन स्टडीज़ यूनिवर्सिटी में हिंदी पढ़ा रहे डां. बलवीर सिंह के साथ बातचीत।

    ..... बातचीत....

    अब समय हो गया है, श्रोताओं की टिप्पणी का।

    सबसे पहला पत्र हमें भेजा है, दरभंगा बिहार से शंकर प्रसाद शंभू ने। उन्होंने लिखा है। पिछले प्रोग्राम में बताया गया कि किस तरह एक युवती ने पूरे 20 बार अपनी मौत को धोखा दिया। यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक ख़बर है। दूसरी रिपोर्ट में बताया गया कि एक ऐसा देश है जहां पुरुषों को दो महिलाओं से शादी करनी होती है। यदि इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो पुरुष को जेल भी जाना पड़ जाता है। यह रिपोर्ट बहुत चौकानी वाली लगी। इसके साथ ही प्रोग्राम में हेल्थ संबंधी रिपोर्ट भी बहुत अच्छी लगी। धन्यवाद।

    अगला पत्र हमें आया है, केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल का। उन्होंने लिखा है। कार्यक्रम "टी टाइम" आज अन्य दिनों के मुक़ाबले कुछ अधिक लम्बा और ख़ास लगा। श्रोताओं के पत्रों का सिलसिला दोबारा शुरू किये जाने से भी कार्यक्रम में नई जान आ गयी है। कार्यक्रम में आपने बताया एरियाना फरो नामक युवती के बारे में बताया गया। कई बार मौत को धोखा दिये जाने का किस्सा उनकी असाधारण जीवटता को दर्शाता है। कुछ ऐसा ही किस्सा मैक्सिको की एडिय़ाना इरेने मैसिआस हर्नांडेज का भी लगा, जन्म से ही दोनों हाथ न होने के बावजूद भी इस महिला ने ऐसा काम कर दिखाया कि इनके नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज जो गया। एड्रियाना ने अपने पैर से ही 1 मिनट में 11 कैंडल जला कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनके ज़ज़्बे और हुनर को सलाम। इसके साथ ही हाल ही में संपन्न 89वें ऑस्कर समारोह में एक नन्हे सितारे द्वारा अपने गजब के स्टाइल से हर किसी का ध्यान खींचा। आठ वर्षीय इस नन्हें भारतीय सनी पवार ने समारोह में शामिल होकर ये बता दिया कि हुनर के आगे उम्र मायने नहीं रखती। वहीं कबाड़ भी किसी की किस्मत चमका सकता है, किस्सा काफी दिलचस्प लगा। यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अमेरिका में एक ताला खोलने वाले की किस्मत अचानक से चमक उठी। जबकि भारतीय रेलवे द्वारा नई खानपान संबंधित नीति की घोषणा वाली ख़बर भी अच्छी लगी। इसके साथ ही कार्यक्रम में पेश अन्य जानकारियां भी अच्छी लगी। मेरे द्वारा भेजे गए जोक को शामिल करने के लिए धन्यवाद।

    श्रोताओं की टिप्पणी के बाद वक्त हो गया है, जोक्स का।

    आज के प्रोग्राम में दो जोक हमें सुरेश अग्रवाल जी ने भेजे हैं। जिन्हें हम शामिल कर रहे हैं।

    पहला जोक

    गांव मे पत्नी पति को पीट रही थी ।

    पडोसी बोला : क्यों मार रही हो बेचारे को

    पत्नी बोली : बेचारे नहीं हे ये !

    इन्हें फ़ोन किया था तो एक लड़की बोली !

    जिस व्यक्ति से आप संपर्क करना चाहते हो वह अभी व्यस्त है !

    दूसरा जोक

    ट्रिंग... ट्रिंग...

    पति : खाने में क्या है

    पत्नी : ज़हर

    पति : मैं देर से आऊँगा,तुम खा कर सो जाना।

    तीसरा और अंतिम जोक

    पिता : 12 वीं पास करने के बाद तुम क्या करोगे

    बेटा: बीसीए

    पिता : वेरी गुड, पर यह बीसीए क्या होता है।

    बेटा : बाप के केश पर ऐश।

    दोस्तों, जोक्स यहीं संपन्न होते हैं।

    अनिलः टी-टाइम में आज के लिए इतना ही, अगले हफ्ते फिर मिलेंगे चाय के वक्त, तब तक के लिए नमस्ते, बाय-बाय, शब्बा खैर, चाय च्यान।

    © China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
    16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040