
चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के छामतो क्षेत्र में स्थित लागे गांव में सुन्दर और सुहावना दृश्य नजर आ रहा है । लेकिन तकनीक और पूंजीनिवेश के अभाव से इस गांव में लोगों का जीवन मुख्य तौर पर पशुपालन, दवा और मशरूम का संग्रह करने पर निर्भर था । कार्य दल ने गांव में तैनात होने के तुरंत बाद गांव के सभी 92 परिवारों का एक एक इंटरव्यू कर लिया ।
गांववासियों के साथ बातचीत करने के दौरान कार्य दल को यह पता लगा है कि गांववासियों को बढ़िया वाले गायों का पालन करके दूध उत्पादन को उन्नत करना चाहिये । लेकिन पूंजीनिवेश के अभाव से गांववासियों की अभिलाषा को पूरा करना भी आसान नहीं है । कार्य दल के प्रधान छ्यू शू तुंग ने कहा,"लागे गांव के लोगों को हमेशा से अपने दूध उत्पादन को उन्नत करने की आशा है । उन की उम्मीद है कि गाय का पालन करने के बारे में उन्हें सहायता बहुत चाहिये ।"
लागे गांव के मुखिया ने कहा,"हमें जो चाहिये वह है कि मुर्गी आदि नहीं, पर गायों को खरीदना ही पड़ता है । क्योंकि गाय बहुत ही मूल्यवान है । युननान प्रांत का गाय सबसे बढ़िया है जो एक दिन कई किलो दूध की पैदावार करता है । अपने उपभोग के सिवा हम बाजार में अपने अतिरिक्त दूध और मक्खन बेच सकते हैं ।"
कार्य दल के प्रधान छ्यू शू तुंग और उन के सहपाठियों ने गांववासियों की मदद के लिए अथक प्रयास किया और अंत में साठ लाख युवान की चंदा एकत्र कर गांव के हरेक परिवार के लिए गाय खरीद किया ।
गाय खरीदने की बात पर छ्यू शू तुंग ने कहा,"हम ने गांव में आने के एक महीने के बाद गाय खरीदने का फैसला लिया । सरकार के संबंधित विभागों की मदद से पूंजीनिवेश लगाया गया । गांववासियों को गाय का पालन करने की बड़ी रुचि है । और उन्हें अपने जीवन के प्रति भी काफी विश्वस्त है ।"
लागे गांव का गांववासी रेन्छींग रांगा गाय का पालन करने का माहिर है । उन्हों ने अपने पड़ोसी का गाय भी खरीद किया और अपने घर के दूध उत्पादन को उन्नत किया । रांगा के विचार में नये किस्म वाले गाय का उत्पादन संतोषजनक है ।
उन्हों ने कहा,"स्थानीय गाय प्रति दिन केवल दो तीन किलो दूध का उत्पादन कर सकता है, पर कार्य दल द्वारा खरीदे गये गायों से एक दिन पंद्रह किलो दूध उत्पादित हो सकता है ।"
गांववासियों की नकद आय में वृद्धि करवाने के लिये कार्य दल ने लागे गांव में नये उद्योंगों का विकास करने के लिए अथक प्रयास किया है । उन्हों ने गांव में चार सौ मू विशाल एक फल वाटिका का निर्माण किया जिसमें कुल 5500 अखरोट, सेव और आड़ू आदि पेड़ लगाये गये हैं । अब इन पेड़ों पर फल लगे हुए हैं ।
छ्यू शू तुंग ने कहा,"अनुमान है कि इस वर्ष फल वाटिका से दस हजार युवान की आय प्राप्त हो सकेगी क्योंकि सेव और आड़ू का उत्पादन शुरू होने लगा है जबकि अखरोट का अगले वर्ष में भी पैदावार हो जाएगा ।"
अतीत बातों की याद करते हुए छ्यू शू तुंग ने कहा कि फल वाटिका का निर्माण करते समय कुछ गांववासियों को संदेह हुआ था । उन का जो संदेह था कि फल वाटिका बनाने का आर्थिक लाभ है कि नहीं । उन्हों ने कहा,"फल वाटिका का निर्माण करना गांववासियों के लिए नई बात है । उन में इस काम के प्रति मतभेद बहुत बड़ा था । कुछ लोग यह काम लेना चाहते थे पर कुछ और लोग नहीं चाहते ।"
गांववासियों की चिन्ता को दूर करने के लिए कार्य दल के सदस्यों ने एक एक परिवार में लोगों को समझाने की कोशिश की । गांव में इस काम के लिए एक एसोसिएशन भी रखा था और फल वाटिका का देखभाल करने का काम भी सभी गांववासियों को सौंप दिया गया । अथक प्रयासों के जरिये फल वाटिका का आर्थिक लाभ नज़र आ गया है ।
छ्यू शू तुंग ने कहा,"फल वाटिका का काम सभी गांववासियों द्वारा अनुबंध किया जा रहा है और इस प्रबंध का अच्छा परिणाम साबित हुआ । लोगों को फल पाने के बाद खुशी हुई है ।"
लेकिन फल वाटिका का काम किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि सभी गांववासियों को सौंप दिया गया है ?इस सवाल का जवाब देते हुए छ्यू शू तुंग ने कहा,"तिब्बत में हम जो काम कर रहे हैं वह है सभी गांववासियों को लाभ दिलाना और अन्त में आम समृद्धि का लक्ष्य साकार बनाना । अगर फल वाटिका किसी एक व्यक्ति को सौंप दिया जाए तो केवल इस व्यक्ति को लाभ मिलेगा, पर दूसरे गांववासियों के हाथ में कोई मौका नहीं । सरकार की नीति है कि आर्थिक विकास का लाभ हरेक आदमी को प्राप्त होना ही चाहिये । हमें आशा है कि जब ये पेड़ बड़े हुए हैं, तब गांव में हरेक परिवार को आमदनी मिल पाएगी ।"
गाय पालन और फल वाटिका बनाने के बाद कार्य दल के सामने फिर भी कुछ काम है और उन में सबसे फोरी बात है मार्ग का निर्माण करना । क्योंकि लागे गांव के दो भाग हैं और दोनों भागों के बीच में साढ़े तीन किलोमीटर लम्बा मिट्टी और पत्थर से बना मार्ग ही मौजूद था । लागे गांव के मुखिया ने जानकारी देते हुए कहा,"हमारे गांव में रास्ता खराब है । बरसात के दिनों में मोटरसाइकिल से बिल्कुल नहीं चल सकता और सूखे दिनों में पूरे रास्ते पर धूल से लदा हुआ है ।"
कार्य दल को गांववासियों की चिन्ता के प्रति काफी समझ आयी है और इस में कुछ काम करने को तैयार है । छ्यू शू तुंग ने कहा कि लागे गांव के दो भागों के बीच जो रास्ता है वह मिट्टी व पत्थर से निर्मितत है । एक दूसरे के यहां जाने की सुविधा नहीं है । हम एक नये रास्ते का निर्माण करने की कोशिश करेंगे । और इसके साथ एक मैदान बनाने की योजना भी है क्योंकि गांववासियों को गतिविधि चलाने का मैदान भी बहुत चाहिये । अभी तक हम पूंजीनिवेश के लिए कोशिस कर रहे हैं और इसे हमारे काम का अगला केंद्र बनाया गया है ।

( हूमिन )









