
मोथो पर्यटन ब्यूरो के उप निदेशक चेन थाइशी ने वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर, चीन के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल च्युचाईगो में वर्षों से पर्यटन संबंधी कार्य किया था । अवकाश प्राप्त होने के बाद वे उच्च आय वाला पद लेने के बजाये मोथो काउंटी आए जहां उन्हें चांग यू ह्वेई मिले , जो मोथो कांऊटी में पर्यटन के विकास के लिए अथक प्रयास कर रहे थे ।
उन्हों कहा , " चांग यू ह्वेई से पहली मुलाक़ात करने से मुझे यह छाप लगी कि वे हैं एक ईमानदार, बहादुर, और आदर्शवादी आदमी । सौ दिनों काम करने के बाद मुझे यह लगता है कि मोथो कांऊटी में पर्यटन का विकास पर्याप्त नहीं है , चांग यूह्वेई पर्यटन के सतत विकास को महत्व देते हैं , इसलिए वे पर्यटन के सहारे आर्थिक विकास करना चाहते हैं । पहले मैं यहां सब के साथ अपरिचित था, तो चांग यू ह्वेई हरेक मौके पर मेरा दूसरे सहपाठियों से परिच्य किया करते थे , और जल्दी ही मुझे और दूसरे सहपाठियों के साथ घनिष्ठ बनाया गया था , जो मेरे काम के लिए बहुत मददगार था । मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।"
पर्यटन के अलावा, चांग यूह्वेई आवास के निर्माण और सरकारी प्रबंध आदि के काम के जिम्मेदार भी हैं । साथ ही विकास व रुपांतर , पानी, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य आदि विभाग को भी उन्हें देखभाल करना है । मोथो कांऊटी पहुंचने के छह महीनों में, चांग यूह्वेई ने मोथो के आठ इलाकें का दौरा किया और हर सप्ताह के सैटडे और सैनडे भी उन के लिए काम करने का दिन होता रहा है । चांग यूह्वेई कहते हैं कि उन्हें मोथो काँउटी में काम करते हुए आभार की भावना लगती हैं । कारण यह है कि मोथो आने के दो महीने बाद स्थानीय भाइयों की हार्दिक मदद से उन्हें गहरी छाप लगी है ।
एक दिन भारी बरसात के कारण मोथो में भूस्खलन हुआ । मार्गों के दर्जनों भाग क्षतिग्रस्त हुए , जिससे मोथो का बाहरी दुनिया के साथ संपर्क टूट गया। उमस-भरी गर्मी का मौसम था और सामग्री-भंडार खत्म होने के चलते मोथो कांऊटी में खान-पान की समस्या भी सामने आयी थी । चांग यूह्वेई छतरी, जय-पानी और कुछ फूड आदि लेकर भूस्खलन के घटना स्थल गये । रास्ते पर नदी को पार करने के लिए पानी में उतरना पड़ता था । तब कुछ स्थानीय चरवाहों और किसानों ने चांग यूह्वेई और उन के राहत दलों के सामानों को अपने कंधे पर ले जाकर नदी पार की । जबकि चांग यूह्वेई ने खुद नदी पार की।









