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    तिब्बती गायिका च्यांगयांग च्वोमा की कहानी
    2015-01-02 19:00:18 cri

    गायिका च्यांगयांग च्वोमा सीआरआई संवाददाताओं के साथ

    तिब्बती गायिका च्यांगयांग च्वोमा द्वारा गाया गया《सौभाग्य से भरा घी का दीपक》नामक गीत के बोल कुछ इस प्रकार हैं:

    सालों के उलटफेर में गुज़रती हूँ मैं

    जातियों के स्वप्नों के साथ

    प्रज्वलित करती हूँ मैं

    सौभाग्य से भरा घी का दीपक

    मां के लिए

    दीपक के सौभाग्यशाली लाइटों में दिखता है

    तुम्हारा स्नेह

    दीपक के सौभाग्यशाली लाइटों में दिखता है

    तुम्हारे ईमानदार

    वह लाईट जोड़ता है कल के सूर्य के साथ

    निर्जन घास के मैदान से गुज़रती हूँ मैं

    बर्फीले पहाड़ों की आशाओं के साथ

    प्रज्वलित करती हूँ मैं

    सौभाग्य से भरा घी का दीपक

    मां के लिए

    दीपक के सौभाग्यशाली लाईटों में दिखता है

    तुम्हारी इमारत

    दीपक के सौभाग्यशाली लाईटों में दिखता है

    तुम्हारा कमरा

    वह लाईट जोड़ता है शानदार कल के साथ

    ओ, मेरी मां,

    सौभाग्य से भरा घी का दीपक है

    प्रज्वलित हो गया

    तुम्हारे सुख और स्वास्थ्य के लिए

    《सौभाग्य से भरा घी का दीपक》नाम के गीत में स्वर्गीय मां के प्रति गायिका की असीम यादें दिखती है। गीत गाते समय मां की छवि गायिका की नज़र में आती है, मानो मां का गहरा प्यार महसूस कर रही हो।

    वास्तव में हर एक गीत गाते समय च्यांगयांग च्वोमा अपनी प्रचुर भावनाओं का संचार करती हैं। वह अपनी आत्मा से गीत गाती है। आम तौर पर तिब्बती गीत के धुन बहुत ऊंचे होते हैं। इस प्रकार के गीत ज्यादा सुनने के बाद च्यांगयांग च्वोमा की नीची और मध्यम स्वर की आवाज़ सुनना लोगों को एकदम नया अहसास हुआ है।"घास के मैदान में अतिथियों का स्वागत"नाम का गीत गाते समय च्यांगयांग च्वोमा अतिथियों के सम्मान में हाथों में शुभ सूचक सफेद हादा देते हुए गाती है, मानो स्वर्ग से आई परी हो।"प्रिय मां"नाम का गीत गाते समय च्यांगयांग च्वोमा अपनी मां के प्रति गहरे प्यार और गहरी याद शामिल करते हुए गाती है, जिससे सुनने वालों को बहुत प्रभावित हुए।"पश्चिमी सागर का प्रेम गीत"नाम का गीत गाते समय च्यांगयांग च्वोमा कानाफूसी वाले स्वर में गाती है, मानो प्रेमिका अपने कान में हल्की आवाज़ में कुछ कह रही हो। च्यांगयांग च्वोमा के गानों में श्रोताओं को सच्चे प्यार और मन में चैन महसूस होता है।

    सछ्वान प्रांत के कानची तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर की एक छोटी सी कांउटी यानी दगे कांउटी से निकल कर बाहर आई गयी, च्यांगयांग च्वोमा अपनी जन्मभूमि को कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने कहा कि सुन्दर जन्मभूमि ने और वहां की विशेष तिब्बती संस्कृति ने उन्हें भौतिक पोषण दिया है। अपने जन्मस्थान की चर्चा करते समय च्यांगयांग च्वोमा को बहुत गर्व होता है। उन्होंने कहा:

    "मेरा जन्मस्थान तिब्बती जाति के वीर राजा गेसार का जन्मस्थान है। यहां विश्वविख्यात देगे बौद्ध सूत्र मुद्रण गृह स्थित है। तिब्बती बौद्ध धर्म के सभी सूत्र इस मुद्रण गृह से मुद्रित हुए हैं, जो बहुत आलिशान है। इस मुद्रण गृह में भिन्न-भिन्न प्रकार के बौद्ध सूत्र देखे जा सकते हैं। मेरा जन्मस्थान बहुत सुन्दर है, जहां तिब्बती संस्कृति बहुत अच्छी तरह सुरक्षित हुई है और यहां रहने वाले तिब्बती लोग बहुत सीधे सादे हैं। आप मेरे जन्मस्थान का दौरा करने आईए, यहां आप को बिलकुल अलग अनुभव होगा और आपका मन यहां आकर बहुत खुश होगा।"

    एक साधारण तिब्बती लड़की से"दुनिया में सबसे मधुर मध्यम सुर गायिका"तक, विशेष तिब्बती संस्कृति च्यांगयांग च्वोमो का पोषण करती है। वे सफल हुई। आज न केवल तिब्बती बहुल क्षेत्रों में, बल्कि पूरे देश में उनके बेशुमार दीवाने मौजूद हैं। विभिन्न जातियों के श्रोताओं में च्यांगयांग च्वोमा बहुत लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जातीय चीज़ों की भारी विशेषताएं उपलब्ध हैं। वो खुश हैं कि वे एक तिब्बती जातीय गायिका हैं। च्यांगयांग च्वोमा हमेशा अपने गुरु और अध्यपकों की बातें याद रखती हैं:अपनी शैली बनाए रखते हुए आगे की दिशा को कभी नहीं खोजेगी। च्यांगयांग च्वोमा ने कहा:

    "आज मेरी सफलताओं और उपलब्धियों का श्रेय जातीय पृष्ठभूमि को जाता है। मैं तिब्बती जाति की गायिका हूँ, इस लोगो (Logo) से मुझे सफलता मिली है। एक तिब्बती गायिका के रूप में मैं हमेशा अपनी जातीय शैली के गीत गाती रहती हूँ।"


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