2009-03-24 11:06:45

विश्व व्यापार संगठन ने कहा कि विश्व व्यापार में बडी गिरावट आएगी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष संगठन व विश्व बैंक अब सोच रहे हैं कि चालू साल विश्व आर्थिक विकास में थोडी वृद्धि आएगी या वह पूरी तरह मंदी में पड जाएगी ।इस वक्त विश्व वायापार संगठन ने 23 तारीख को चालू साल विश्व व्यापार की स्थिति पर अपना अनुमान सार्वजनिक बनाया ।उस ने रिपोर्ट जारी कर कहा कि इस साल कई दशकों तक विश्व व्यापार बढने का रूझान समाप्त होगा ।विश्व व्यापार में लगभग 9 प्रतिशत गिरावट आएगी ,जो दूसरे विश्व महायुद्ध के बाद सब से गंभीर गिरावट होगी ।

इस विश्व व्यापार पूर्वानुमान रिपोर्ट में कहा गया कि इस साल विकसित देशों की व्यापार स्थिति सब से गंभीर होगी ,जो 10 प्रतिशथ गिर जाएगा ,जबकि विकासशील देशों के वैदेशकि व्यापार में 2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के बीच कमी आएगी ।विश्व व्यापार संगठन के अर्थशास्त्रियों ने गतवर्ष विश्व व्यापार की स्थिति के गहन विश्लेषण और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के रूझान के आधार पर उपरोक्त निष्कर्ष निकाला ।इस रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले वर्ष विश्व व्यापार 2 प्रतिशत बढा ,जो विश्व व्यापार संगठन के 4.5 प्रतिशत के पूर्वानुमान से काफी नीचा रहा ।अमरीका ,चीन और जर्मनी आयात निर्यात की कुल रकम के पहले तीन स्थान पर रहे ।रिपोर्ट में कहा गया कि 2 प्रतिशत वृद्धि असंतोषजनक है और उस का मुख्य भाग गतवर्ष के पूर्वाद्ध में आया ।गतवर्ष के उत्तरार्द्ध में विश्व व्यापार में गिरने का आसार नजर आया ।अर्थशास्त्रियों के विचार में विश्व व्यापार में आयी गिरावट का अमरीकी वित्तीय संकट का घनिष्ठ संबंध है ।पिछली सितंबर में अमरीका में वित्तीय संकट पैदा हुआ और पूरे विश्व में फैला ।अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट से शयर बाजारों व मकानों की कीमतों में बडी गिरावट आयी और बडी धनराशि खो गयी ।बैंकों में पूंजी व तरलता के अभाव से उपभोग की मांग जल्दी से कम हो गयी ,जिस का प्रत्य़क्ष परिणाम है कि आयात घट गया ।विश्व व्यापार संगठन की रिपोर्ट में कहा गया कि गतवर्ष की चौथी तिमाही में विश्व की विभिन्न बडी आर्थिक इकाइयों के आयात में उल्लेखनीय गिरावट आयी ।इस से चीन भी नहीं बच सका ।चीन के 6 सब से बडे व्यापार साझेदार सभी आर्थिक मंदी में फंसे ,जिस से चीन का निर्यात बडे पैमाने तौर पर घट गया ।

विश्व व्यापार संगठन की रिपोर्ट में कहा गया कि संकट पैदा होने के बाद व्यापक आर्थिक इकाइयों ने विभिन्न आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज प्रस्तुत किये ।इन पैकेज के प्रभाव के लिए समय की जरूरत है ।सच्ची अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के विशाल प्रभाव और प्रोत्साहन पैकेज के विलंबित प्रभाव के कारण चालू साल विश्व व्यापार में उल्लेखनीय सुधार नहीं आएगा ।लेकिन रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक तत्वों का उल्लेख भी किय गया ।रिपोर्ट में कहा गया कि इस फरवरी में एशिया व प्रशांत महासागर की कई आर्थिक इकाइयों के आयात में वृद्धि का रूझान देखने को मिला ।विश्व व्यापार संगठन के अर्थशास्त्रियों के विचार में यह सिर्फ एक महीने का आंकडा है और आयात वृद्धि में त्योहारों के उपभोग की उपेक्षा नहीं की जा सकती ।इसलिए इस से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं नकाला जा सकता ।पर इस से यह जाहिर है कि व्यापार गिरावट में थोडी शिथिलता आयी है ।

विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक पस्कल लामी ने अपनी रिपोर्ट में व्यापार व आर्थिक विकास के पारस्परिक प्रभाव पर जोर लगाया ।उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में व्यापार की निरंतर वृद्धि विश्व आर्थिक विकास की मुख्य प्रेरित शक्ति है ।इसलिए व्यापार को प्रेरणा देना वर्तमान विश्व आर्थिक संकट का मुकाबला करने का प्रभावित तरीका है ।उन्होंने कहा कि आने वाला जी 20 शिखर सम्मेलन इस में उपस्थित विभिन्न देशों के लिए वायापार के घटाव को रोकने और खुले व्यापार पर कायम रहने का एक विशिष्ट अवसर होगा ।उन्होंने विशेष कर व्यारार संरक्षणवाद का विरोध दोहराया ।उन्होंने कहा कि कुछ आर्थिक इकाइयों ने रोजगार की सुरक्षा के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज में व्यापार संरक्षण का विषय डाला ।ऐसी नीतियां बनाने वालों को समझना चाहिए कि अगर आप बाहरी उत्पादों से इंकार करते हैं ,तो दूसरे लोग बदला लेने का कदम उठाएंगे ।इस से न सिर्फ रोजगारों की सुरक्षा प्राप्त नहीं की जाएगी ,बल्कि संकट अधिक लंबे समय तक चलेगा ।