2009-03-15 17:36:51

धर्म को समाज के विकास से मेल खाना चाहिए

14 तारीख को तिब्बती बौद्ध धर्म के जीवित बुद्ध लोसांग सेन्दन ने ल्हासा में संवाददाताओं के साथ साक्षात्कार में कहा कि धर्म को समाज के विकास से मेल खाना चाहिए और समाज को योगदान प्रदान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि धर्म लम्बे अरसे से अपना अस्तित्व बनाए रखना चाहता, तो उसे समाज के विकास से मेल खाना चाहिए। इसी तरह धर्म की जीवन शक्ति मजबूत होती रहेगी और समाज को ज्यादा से ज्यादा योगदान प्रदान कर सकेगी।

जीवित बुद्ध लोसांग सेन्दन ने कहा कि मठ को जनता के दान पर निर्भर नहीं करना चाहिए और जनता को आर्थिक बोझ नहीं देनी चाहिए। इस के विपरित मठों को अपनी शक्ति से आम नागरिकों को कल्याण देना चाहिए। उन्होंने अपने मठ में एक वृद्ध सदन की स्थापना की और स्थानीय वृद्धों को मदद दी है। इस के अलावा, चूंकि उन का मठ छूग्वो मठ एक पर्यटन स्थल में है, इसलिए वह पर्यटकों को मुफ्त खाने रहने की सुविधा भी देता है। (श्याओयांग)