
हाल में चीनी राज्य परिषद के न्यूज़ कार्यालय द्वारा जारी《तिब्बत में जनवादी सुधार के 50 साल》शीर्षक श्वेत-पत्र में कहा गया है कि तिब्बत में ऊर्जा का निर्माण तेज़ गति से किया जा रहा है , पन बिजली, भूमिगत ऊर्जा, पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा आदि एक दूसरे के पूरक हैं, स्वायत्त प्रदेश में ऊर्जा व्यवस्था कदम ब कदम कायम हुई है ।
तिब्बती विद्युत उद्योग ने शून्य से सात लाख 20 हज़ार किलोवाट की लम्बी छलांग लगायी ।
तिब्बत में जल संसाधन प्रचुर हैं । जल ऊर्जा भंडार 20 करोड़ किलोवाट से अधिक है, जो सारे देश के प्राकृतिक जल ऊर्जा का एक तिहाई बनता है। शांतिपूर्ण मुक्ति के पूर्व तिब्बत में सिर्फ़ एक 125 किलोवाट वाला लघु पन बिजली घर था, जो विशेष तौर पर पोटाला महल और चंद खानदानी परिवारों को बिजली की सप्लाई करता था । पुराने तिब्बत में नागरिक घी का दिया जला कर रोशनी करते थे ।
जनवादी सुधार के बाद से लेकर अब तक के पचास वर्षों में तिब्बत ने पन बिजली घरों को प्राथमिकता देकर भूमिगत ऊर्जा, सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा का विकास किया है, जिस से किसानों व चरवाहों के बिजली सवाल का समाधान किया गया है । तिब्बत में सौर ऊर्जा का विकास देश में प्रथम पंक्ति में है।(श्याओ थांग)
