
असाही सिन्बुन ने टिप्पणी जारी कर कहा कि नवोदित बाजारी देश विश्व वित्तीय व्यवस्था में भाग ले रहे हैं। यह विश्व वित्तीय व्यवस्था को सुधारने की दिशा में सब से बड़ा परिवर्तन है।
मैनिच सिन्बुन ने कहा कि चीन ने विकासशील देशों के प्रतिनिधि की हैसियत अच्छी तरह दर्शायी है।
निहोन केइजै सिन्बुन ने रिपोर्ट देते हुए कहा कि अगर चीन व भारत आदि नवोदित बाजारी देश सहयोग नहीं करेंगे , तो विश्व वित्तीय व्यवस्था की स्थापना असम्भव होगा ।
न्यूयार्क टाईम्स के विश्व वित्तीय संकट का मुकाबला करने के लिए विकासशील देशों के नेता सामने आएं नामक लेख जारी कर कहा कि शिखर सम्मेलन में भोज के समय ब्राजील के राष्ट्रपति लूला अमरीका के राष्ट्रपति श्री बुश की बायं तरह बैठे हुए थे , जबकि चीन के राष्ट्राध्यक्ष श्री हू चिन थाओ श्री बुश की दायं तरफ बैठे हुए थे , जिस से यह जाहिर है कि वित्तीय संकट से विश्व अर्थ व्यवस्था पुनः व्यवस्थित की गयी है।
वाशिंग्टन पोस्ट ने विभिन्न देशों के नेता भारी सुधार करने पर सहमत नामक लेख जारी कर कहा कि यह शिखर सम्मेलन आयोजित होने से यह जाहिर है कि वित्तीय संकट होने से विश्व में देशों की ठोस शक्तियों का नया संतुलन प्रकाश में आया है । शिखर सम्मेलन में संपन्न कार्वाही योजना के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था के पुनर्निर्माण में चीन, भारत और ब्राजील आदि विकासशील देश ज्यादा भूमिका अदा करेंगे। (पवन)
