
जी-20 का वित्तीय बैज़ार व विश्व अर्थतंत्र शिखर सम्मेलन 15 तारीख को वाशिंगटन में समाप्त हुआ, जिस में वित्तीय संकट के मुकाबले और आर्थिक वृद्धि के समर्थन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मज़बूति पर सहमत हुआ और विश्व बैंकिंग व्यवस्था का सुधार करने की अपील की गयी , ताकि इस प्रकार का संकट एक बार फिर पैदा होने की रोकथाम की जा सके ।
मेज़बान देश अमरीकी राष्ट्रपति श्री बुश ने सम्मेलन की समाप्ति पर आयोजित न्यूज़ ब्रीफिंग में कहा कि मौजूदा शिखर सम्मेलन सफल रहा है, इस ने आर्थिक वृद्धि के लिए जबरदस्त कार्यवाही योजना बनायी । उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रयी मुद्रा कोष और विश्व बैंक का रूपांतरण किया जाना जरूरी है, इन दो संस्थाओं में विकासशील देशों के मतदान अधिकार व प्रतिनिधित्व को विस्तृत किया जाना चाहिए ।
युरोपीय संघ के अध्यक्ष श्री बारोसो का विचार है कि शिखर सम्मेलन में प्राप्त मतैक्यों का कार्यान्वयन करने से विश्व आर्थिक स्थिरता के लिए भूनिका निभाई जाएगी । युरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष देश फ्रांस के राष्ट्रपति सार्कोजी ने एक बार फिर आग्रह किया कि और न्यायपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निपटारे ढांचे की स्थापना की जाए, वित्तीय निगरानी व प्रबंध को मज़बूत किया जाए और ज्यादा खुले वाणिज्य व व्यापार संबंध की स्थापनी की जाए ।
जी-20 के वर्तमान अध्यक्ष देश ब्राज़ील के राष्ट्रपित लुइज़ इनासिओ लुला दा सिल्वा ने कहा कि पश्चिमी विकसित देशों को अपने सवालों का समाधान करना ही होगा । यह वित्तीय संकट के विस्तार को रोकने का सब से अच्छे उपाय है ।
भारतीय प्रधान मंत्री श्री मनमोहन सिंह ने शिखर सम्मेलन में विकसित देशों से वित्तीय संकट से विकासशील देशों पर पड़ने वाले कुप्रभावों को महत्व देने की अपील की । (श्याओ थांग)
