वैश्विक स्तर पर खतरा बने रैनसमवेयर ने मुंबई बंदरगाह के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के कम्प्यूटरों पर हमला कर दिया जिससे वहां का सारा काम काज ठप पड़ गया. 28 जून को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी।
ये सिस्टम मंगलवार की रात से ही रैनसमवेयर हमले का शिकार होने लगे थे। पेट्या नाम के इस हमले ने अमेरिका और यूरोप के कई बड़े बैंकों, शिपिंग कंपनियों और बड़े औद्योगिक संस्थानों पर हमला बोल दिया।
अभी कुछ हफ्तों पहले ही रैनसम वेयर का एक और हमला हुआ था जिससे पूरी दुनिया के डेढ़ सौ देशों के कम्प्यूटर सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुए थे, उस बार के हमले में भी भारत में 102 कम्प्यूटर सिस्टम्स को हैक किया गया था जिनमें आंध्र प्रदेश पुलिस स्टेशन, चेन्नई का निसान रेनो का उद्योग प्लांट का काम रुक गया था। भारत सरकार ने अपने अहम संस्थानों में अधिकारियों को सलाह दी है कि वो इंटरनेट से जुड़े कम्प्यूटरों में काम ना करें।
गौरतलब है कि रैनसमवेयर एक ऐसा कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर है जिसमें पीड़ित के कम्प्यूटर का डेटा जाम हो जाता है, और इस सॉफ्टवेयर की तरफ़ से उसे चेतावनी दी जाती है कि अगर उसने बिट्क्वायन्स में फिरौती के पैसे नहीं दिये तो उसके कम्प्यूटर से सारा डेटा उड़ा दिया जाएगा, या फिर आम लोगों के सामने परोस दिया जाएगा।
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