31 मई को भारतीय केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 के अप्रैल से वर्ष 2017 के मार्च तक की इस वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रही, जो तीसरी तिमाही की 7 प्रतिशत से कम थी।
सूत्रों के अनुसार यह आंकड़ा कुछ संस्थाओं के अनुमान के बीच काफी अलग है। भारत के कुछ अर्थशास्त्रियों का विचार है कि नोटबंदी से आर्थिक वृद्धि दर में कमी आई और अभी निकट भविष्य में यह प्रभाव निरंतर बना हुआ है।
वहीं वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में चीन 6.9 अंकों के साथ पहले स्थान पर आ गया है।
(वनिता)