11 कहावत से जुड़ी कथा--माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश

2017-12-05 21:30:49
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कहावत से जुड़ी कथा--माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश

माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश  毛遂自荐

“माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश”कहावत से जुड़ी एक कहानी है, इसे चीनी भाषा में“माओ स्वेइ च च्यान”(máo suì zì jiàn) कहा जाता है। इसमें“माओ स्वेइ”व्यक्ति का नाम है, जबकि“च”का मतलब है“खुद”और“च्यान”का अर्थ है“सिफ़ारिश”। कुल मिलाकर कहा जाए, तो“माओ स्वेइ च च्यान”में“माओ स्वेइ नाम के व्यक्ति की आत्म सिफ़ारिश करने की कहानी सुनाई जाती है।

माओ स्वेइ (Mao 2 Sui4) की आत्म सिफ़ारिश की कहानी चीन में काफ़ी लोकप्रिय है। ईसा पूर्व 475 से ईसा पूर्व 221 तक प्राचीन चीन में युद्धरत राज्य का काल था। उस समय चीन की भूमि में कई राज्य मौजूद थे, जिनमें मुख्यतः छी राज्य, छू राज्य, यान राज्य, हान राज्य, चाओ राज्य, वेई राज्य और छीन राज्य सात राज्य ज्यादा शक्तिशाली थे। अंत में छिन राज्य ने दूसरे राज्यों को हरा कर तत्कालीन चीन को एकीकृत किया। ईसा पूर्व 221 में चीन के इतिहास में पहले सामंती राजवंश छिन राजवंश की स्थापना की गई।

माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश की कहानी इसी युद्धरत राज्य काल में पैदा हुई। कहते थे कि तत्कालीन चाओ राज्य की राजधानी हान तान (Han2 Dan1) यानी आज के हपेई प्रांत का हान तान शहर, एक बार शक्तिशाली छिन राज्य की सेना से घिर गई, जिस पर कभी भी कब्जा किया जा सकता था।

चाओ राज्य की राजधानी हान तान को बचाने के लिए चाओ राज्य के राजा ने उस समय के दूसरे शक्तिशाली छु राज्य के साथ गठबंधन कर संयुक्त रूप से छिन राज्य के आक्रमण को पराजित करने का निर्णय लिया और छु राजा को समझाने के लिए चाओ राज्य के राजकुमार फिंगयुआन चुन (Ping2 Yuan2 jun1) को दूत के रूप में भेजा।

राजकुमार फिंगयुआन चुन ने अपने निजी अधिकारियों में से बीस व्यक्तियों को अपने साथ चलने के लिए चुनना चाहा। बार-बार सोचने के बाद भी मात्र 19 व्यक्ति चुने गए। लेकिन एक व्यक्ति की कमी थी। इस बीच माओ स्वेइ ने राजकुमार से ख़ुद की सिफारिश की।

राजकुमार फिंगयुआन चुन (Ping2 Yuan2 jun1) ने माओ स्वेइ को ताकते हुए पूछा:“तुम कौन हो?किस काम के लिए आए हो? ”

माओ स्वेइ ने कहा:“मेरा नाम माओ स्वेइ है। मैं आपके साथ छु राजा को समझाना जाना चाहता हूं।”

फिंगयुआन चुन ने फिर पूछा:“तुम्हें मेरे यहां आए कितना समय हो गया है?”

माओ स्वेइ ने जवाब में कहा:“तीन साल।”

तो फिंगयुआन चुन ने कहा:“तीन साल का समय कम लम्बा नहीं होता। अगर किसी व्यक्ति में विशेष योग्यता हो, तो वह जेब में रखी सुतारी(सूआ) की भांति उसकी नोक ज़रूर जेब से बाहर दिखती है। तुम्हें मेरे यहां तीन साल हो चुके हैं, किन्तु मैंने कभी नहीं सुना कि तुम्हारी कोई विशेष कार्य क्षमता है।”

फिंगयुआन चुन की बातों पर माओ स्वेइ ने बड़े आत्मविश्वास भरे लहजे में कहा:“आपने गलत कहा। मेरी कोई विशेष क्षमता इसलिए जाहिर नहीं हुई, क्योंकि आपने मुझे जेब में नहीं डाला। यदि पहले ही मुझे जेब में डाला गया होता, तो मैं सुतारी(सुआ) की नोक की तरह बाहर निकल कर दिखता।”

माओ स्वेइ की बातों से फिंगयुआन चुन को ऐसा लगा मानो माओ स्वेइ कोई असाधारण व्यक्ति हो। और उसने माओ स्वेइ को अपने दल का 20वां सदस्य बनाया।

कहावत से जुड़ी कथा--माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश

माओ स्वेइ 

छु राज्य में पहुंचने के बाद राजकुमार फिंगयुआन चुन ने छु राजा के साथ वार्ता शुरू की और उसे गठबंधन बनाकर छिन राज्य का मुकाबला करने की आवश्यकता और महत्व समझाया और छु राज्य से तुरंत चाओ राज्य की राजधानी हान तान को बचाने के लिए सेना भेजने की आशा व्यक्त की। लेकिन आधा दिन गुज़रने के बाद भी छु राजा ने हामी नहीं भरी। बाहर प्रतीक्षा में बैठे सभी 20 लोगों को काफ़ी चिंता हो उठी।

माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश की बात अन्य 19 सदस्यों को अच्छी नहीं लगी। वे मन ही मन में माओ स्वेइ को झूठा और धोखेबाज समझते थे। जब वार्ता गतिरोध में पड़ गयी, तो उन्होंने माओ स्वेइ की असली योग्यता जानने के उद्देश्य में उसे अन्दर देखने के लिए उकसाया:“श्रीमान माओ स्वेइ, वार्ता अभी भी सफ़ल नहीं हुई है। आप अन्दर जाकर स्थिति देखें तो बेहतर होगा।”

माओ स्वेइ ने इसे तुरंत स्वीकार किया और वह अपने कमर पर बंधे लम्बे कृपाण को कस कर छु राजा के सामने जा पहुंचा:“महाराज, छिन राज्य का मुकाबला करने के लिए छु और चाओ राज्यों में गठबंधन कायम होना बहुत ज़रूरी है और फौरी काम भी है। यह दो तीन वाक्यों में ही तय किया जा सकता है। लेकिन आज की वार्ता सुबह से दोपहर तक चली है। परन्तु किसी भी प्रकार का परिणाम अभी तक नहीं निकला। इसका क्या कारण है?”

माओ स्वेइ की आकस्मिक पेशकश और बातों के लहजे पर छु राजा बड़ा नाखुश हुआ। उसने माओ स्वेइ की ओर नज़र फेर कर फिंगयुआन चुन से बड़े क्रोध के स्वर में पूछा:“यह कौन है? ”

फिंगयुआन चुन ने जवाब में कहा:“वह मेरे दल का सदस्य है।”

छु राजा को और गुस्सा आया। उसने माओ स्वेइ की ओर मुड़ कर उसकी निंदा करते हुए कहा:“मैं आपके स्वामी के साथ वार्ता कर रहा हूं। तुम कौन सी चीज़ हो, जो बीच में आकर बोले?”

छु राजा की बातों से माओ स्वेइ में रोष भड़क उठा। उसने म्यान में से कृपाण निकाल कर छु राजा के आगे दो कमद बढ़ कर बुलंद आवाज में कहा:“महाराजा, आप इसलिए मेरी भर्त्सना करने के साहसी है, क्योंकि आप छु राज्य को बड़ा शक्तिशाली समझते हैं। आप समझते हैं कि आपके पास अंगरक्षक बहुत ज्यादा हैं, लेकिन अब मैं बताता हूं कि इस समय दस कदमों के दायरे में आपका शक्तिशाली राज्य काम की चीज़ नहीं आएगा। आपके बड़ी संख्या वाले अंगरक्षक काम नहीं आएंगे। आपकी जान मेरे हाथ में है, आप अब क्या समझे? ”

माओ स्वेइ की तर्कसंगत बातों से छु राजा का गला दब गया और उसके चेहरे पर पसीने आ गया।

माओ स्वेइ ने आगे कहा:“छु राज्य बड़ा देश है। उसे विभिन्न राज्यों का प्रभु होना चाहिए था। लेकिन असल में आप छिन राज्य से इतना डरते हैं। इतना डरते हैं कि उसके आक्रमण का मुकाबला करने की ज़रा भी हिम्मत नहीं रही। छिन राज्य ने छु राज्य पर कई बार चढ़ाई कर बहुत से स्थानों को छीन लिया। यह गजब का अपमान है। इस पर सोच कर हमारे चाओ राज्य वासियों को भी शर्म आती है। अब हम आप के साथ गठबंधन बनाकर छिन राज्य के आक्रमण का विरोध करने को तैयार हैं, तो प्रत्यक्ष रूप में चाओ राज्य की राजधानी हान तान को बचाया जा सकता है। असल में छु राज्य के लिए छिन राज्य के आक्रमण का बदला लेने का मौका भी है। लेकिन आप इतने कायर निकले, आप कौन से राजा हों, आपको शर्म नहीं आती क्या? ”

माओ स्वेइ की बुलंद हौसले से भरी बातें सुन कर छु राजा को बड़ी शर्म आयी। उसके मुंह से एक शब्द भी निकल पाया।

माओ स्वेइ ने फिर कहा:“महान राजा, अब आपका क्या ख्याल है? हमारे चाओ राज्य के साथ गठबंधन कायम करना चाहते हो कि नहीं? ”

“हां, हां, अवश्य बनाएंगे, अवश्य बनाएंगे।”छु राजा ने एक स्वर में मंजूरी देते हुए कहा।

इसके बाद छु और चाओ राज्यों में छिन राज्य का मुकाबला करने का गठबंधन कायम हुआ और राजकुमार फिंगयुआन चुन और उसका दल जल्द ही चाओ राज्य लौटे।

कहावत से जुड़ी कथा--माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश

माओ स्वेइ की मूर्ति

फिंगयुआन चुन ने चाओ राजा को वार्ता की जानकारी देते हुए कहा:“मेरे मौजूदा मिशन की सफलता मुख्यतः माओ स्वेइ पर निर्भर है, उसने चतुर वाकपटुता के बल पर चाओ राज्य का स्थान ऊंचा कर दिया। उसकी भूमिका लाखों सैनिकों की शक्तिशाली सेना से भी प्रबल है।”

बहुत जल्द ही माओ स्वेइ का नाम चाओ राज्य में फैल गया और माओ स्वेइ की आत्म सिफ़ारिश यह उक्ति भी प्राचीन कहावत के रूप में सदियों से प्रचलित है।

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