08 छ्यानलिंग मकबरे का अक्षर रहित समाधि प्रस्तर

2017-11-14 21:31:00
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08 छ्यानलिंग मकबरे का अक्षर रहित समाधि प्रस्तर

इतिहास में इकलौती महिला साम्राज्ञी वु त्सथ्यान

चीन के शान्नशी प्रांत में वेइ ह नदी के उत्तर में छ्यान लिन नामक (qián líng) मशहूर मकबरा स्थित है। चीन के दो हज़ार साल लम्बे सामंती इतिहास में यह एकमात्र ऐसा शाही मकबरा है, जिसमें दो सम्राट दफ़नाए गए थे। छ्यान लिन मकबरे में थांग राजवंश के सम्राट ली च (Li Zhi) और चोउ राजवंश की साम्राज्ञी वु त्सथ्यान की समाधि है। दोनों पति-पत्नी थे और दो राजवंशों के प्रमुख भी।

वु त्सथ्यान चीन के इतिहास में इकलौती महिला साम्राज्ञी थी। लेकिन उनके निधन के बाद उनकी समाधि के सामने एक विशाल प्रस्तर स्तंभ खड़ा किया गया, पर उस पर कोई शब्द नहीं लिखा गया। इसलिए वह अक्षर रहित समाधि चीन में अलग स्थान रखती है। फिलहाल छ्यान लिन मकबरे को विश्व सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल करने की कोशिश हो रही है।

वु त्सथ्यान का जन्म सन् 624 में हुआ था। 14 साल की उम्र में वह थांग राजवंश के दूसरे सम्राट थांग थाईचोंग की छोटी रानी के रूप में राजमहल में बुलाई गई। युवावस्था में ही वु त्सथ्यान का अद्भुत दृढ़ स्वभाव और साहस सामने आ गया था। थांग थाईचोंग के पास एक तेज़ घोड़ा था, उसे कोई भी अपने वश में नहीं कर पाता था। वु त्सथ्यान ने थांग थाइचोंग से कहा:“मैं उसे वश में ला सकती हूं, लेकिन इसके लिए लोहे के चाबुक और चाकू की जरूरत है। उसे वश में लाने के लिए पहले चाबुक से मारा जाय, अगर इससे भी वह काबू में नहीं आए तो उसके सिर पर चाकू से मारना होगा, इससे भी काम नहीं बना, तो चाकू से उसका गला काटना पड़ेगा।”

वु त्सथ्यान की बातों पर थांग थाईचोंग को बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने सोचा कोई भी सुशील और शिष्ट रानी ऐसी बात नहीं करती। लेकिन युवराज ली च को अपने से चार साल बड़ी वु त्सथ्यान का अंदाज बहुत पसंद आया।

सम्राट थांग थाईचोंग के निधन के बाद वु त्सथ्यान को शाही नियम के मुताबिक भिक्षुणी के रूप में बौद्ध मंदिर में भेजा गया। युवराज ली च शाही गद्दी पर बैठने के बाद सम्राट काओ चोंग (Gao zong) हो गया। ली च हमेशा वु त्सेथ्यान की याद में परेशान रहता। आखिर में कुछ समय के बाद उसने वु त्सथ्यान को राजमहल में वापस बुलाकर महारानी बनाया।  

08 छ्यानलिंग मकबरे का अक्षर रहित समाधि प्रस्तर

इतिहास में इकलौती महिला साम्राज्ञी वु त्सथ्यान

वु त्सथ्यान को पटरानी के स्थान पर संतोष नहीं आया, वह तो सम्राज्ञी बनना चाहती थी। उसे एक चाल सूझी। थांग काओचोंग की मुख्य पत्नी सम्राज्ञी वांग श (Wang Shi) का कोई बच्चा नहीं था, पर वह बच्चों को बहुत प्यार करती थी। एक दिन, सम्राज्ञी वांग श वु त्सेथ्यान के महल में उसके नवजात बच्चे को देखने गयी। उसके वहां से जाने के बाद वु त्सेथ्यान ने अपनी नवजात पुत्री का गला घोंट कर मार दिया और शव को रजाई से ढक दिया। थोड़ी देर बाद सम्राट ली ची अपनी पुत्री को दुलारने वापस आया, तो पाया कि उसकी पुत्री मर चुकी है। ली ची को आश्चर्य हुआ और वु त्सेथ्यान ने भी उसके पास रो-रो कर बेहोश होने का स्वांग किया।

राजमहल की दासियों से पूछताछ से पता चला कि अभी कुछ समय पहले सम्राज्ञी वांग श आ गई थी। थांग काओचोंग को बड़ा गुस्सा आया और वांग श को अपनी पुत्री का हत्यारा समझा। तब से सम्राट ली ची को अपनी सम्राज्ञी वांग से नफरत हो गयी। इसके बाद वु त्सेथ्यान ने फिर एक षड़यंत्र रचकर काओचोंग से सम्राज्ञी वांग को उसके पद से हटवाया और खुद रानी बन गयी।

रानी के आसन पर बैठने के बाद वु त्सेथ्यान ने सामंती समाज में प्रशासनिक मामलों में महिलाओं को अधिकार न होने के नियम को खत्म कर राज्य के अहम मामलों में हस्तक्षेप करने लगी और धीरे-धीरे कमजोर स्वभाव के सम्राट ली ची को भी निकम्मा साबित कर दिया। इस तरह अंत में सम्राट ली ची ने राजवंश के सभी अहम मामलों में फैसले का अधिकार वु त्सेथ्यान को दे दिया। और वु त्सेथ्यान राजमहल के मंत्रियों और अधिकारियों की नज़र में थांग काओचोंग के बराबर दूसरी सम्राट जैसी बन गयी।

थांग काओचोंग के देहांत के बाद राज्य की सत्ता पूरी तरह वु त्सेथ्यान को हाथों में आ गयी। वह एक तानाशाह बन गयी और उसने क्रमशः दो सम्राटों को गद्दी पर बिठाया और हटाया। 67 साल की उम्र में वु त्सेथ्यान ने थांग राजवंश का नाम बदलकर चोउ राज्य रखा। वह खुद सम्राट के सिंहासन पर बैठकर चीन के इतिहास में अकेली महिला साम्राज्ञी बन गई।

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छ्यानलिंग मकबरे का दृश्य

सत्ता में आने के बाद वु त्सेथ्यान ने तानाशाह के तौर पर शासन किया। बेरहम अधिकारियों पर विश्वास कर बेगुनाहों लोगों की हत्या करवाई और अपने विरोधियों का सफ़ाया कर दिया। उसने थांग राजवंश के शाही परिवारों का कत्लेआम किया, यहां तक कि अपने पुत्रों यानी थांग राजवंश के सम्राट के उत्तराधिकारियों को भी नहीं छोड़ा।

थांग राजवंश के पुराने अधिकारी श्यू चिंगये(Xu Jingye) और लुओ पिनवांग (Luo Binwang) ने थांग राजवंश की सत्ता बहाल करने के लिए दक्षिण चीन के यांग चोउ शहर में सैन्य विद्रोह किया और वु त्सेथ्यान को हटाने की कोशिश की। वु त्सेथ्यान के खिलाफ़ विद्रोह के आह्वान के लिए लुओ पिनवांग ने एक आलेख लिखा। आलेख पढ़ने के बाद वु त्सेथ्यान ने मंत्रियों से पूछा कि यह लेख किसने लिखा ?मंत्रियों ने जवाब में कहा कि लुओ पिनवांग ने, इस पर त्सेथ्यान ने अफसोस जताते हुए कहा गलती तुम्हारी है, इस प्रकार की असाधारण प्रतिभा को राजमहल के काम के लिए इस्तेमाल क्यों नहीं किया। विद्रोही सेना को पराजित करने के लिए वु त्सेथ्यान ने तीन लाख सैनिक भेजे, कुछ समय में ही श्यू चिंगये के विद्रोह को शांत कर दिया। विद्रोही नेता श्यू चिंगये और लुओ पिनवांग को मौत की सजा सुनाई गयी।

लेकिन अपने शासन काल में महिला साम्राज्ञी वु त्सेथ्यान ने देश के विभिन्न कार्यों के विकास के लिए कई अच्छी नीतियां भी लागू की थी। उसने कृषि उत्पादन के विकास को प्रोत्साहन दिया। प्रतिभाओं को सरकारी काम में लगाने के लिए अधिकारियों के चयन के लिए देश-व्यापी ज्ञान परीक्षा व्यवस्था चलायी। अपने रिश्तेदारों और विश्वस्त पदाधिकारियों पर नियंत्रण किया तथा महिलाओं का सामाजिक स्थान उन्नत करने की कोशिश की। सत्ता में हस्तक्षेप के पचास साल तथा सम्राट के रूप में 15 वर्ष के शासन में थांग और चोउ राजवंश मजबूत हुआ। सामाजिक सुरक्षा और स्थिरता बनी रही। जनसंख्या में भारी इजाफा हुआ, आर्थिक विकास तेज़ हुआ और कई बार बाहर से हुए हमलों को नाकाम कर दिया गया और थांग राजवंश का स्वर्ण युग जारी रहा।

वु त्सेथ्यान की 82 साल की उम्र में मौत हो गयी। मौत के बाद उसे उसके पति थांग काओचोंग के साथ छ्यान लिंग मकबरे में दफ़नाया गया। उसने अपनी समाधि के सामने बिना अक्षर स्तंभ खड़ा करवाया। यह समाधि स्तंभ एक विशाल समूचे पत्थर को तराश कर बनाया गया था, जो आठ मीटर ऊंचा और दो मीटर चौड़ा है, पत्थर के इस स्तंभ पर सुन्दर और सूक्ष्म तराशी का काम किया गया। लेकिन एक अक्षर भी नहीं उकेरा गया, इस वजह से यह समाधि स्तंभ भी चीन के इतिहास में बहुत मशहूर हुई।

08 छ्यानलिंग मकबरे का अक्षर रहित समाधि प्रस्तर

छ्यानलिंग मकबरे का अक्षर रहित समाधि प्रस्तर

उत्तरवर्ती कालों में वु त्सेथ्यान की इस अक्षर रहित समाधि स्तंभ के बारे में कई तरह की अटकलें पैदा हुई। किसी का मानना था कि वु त्सेथ्यान ने खुद को प्रसिद्ध बनाने के लिए ऐसा समाधि स्तंभ बनवाया था। वह लोगों को यह बताना चाहती थी कि उसके असाधारण कारनामे शब्दों में बयान नहीं होते। किसी का मानना था कि वु त्सेथ्यान ने चीन की परम्परागत पुरूष प्रधान समाज व्यवस्था को उलट दिया, वह अपना अपराध जानती थी, इसलिए उसे अपने समाधि स्तंभ पर अपनी जीवनी लिखवाने का साहस नहीं था। और यह भी कहा गया निधन के बाद वु त्सेथ्यान सम्राट थांग काओचोंग के साथ एक मकबरे में दफ़नायी गई थी, उसकी समाधि पर थांग राजवंश की महारानी अथवा चोउ राजवंश की साम्राज्ञी लिखने का फैसला बहुत मुश्किल था, इस मुश्किल सवाल के हल के लिए अक्षर रहित स्तंभ खड़ा करना उचित था। लेकिन ज्यादा लोगों का मानना था कि अक्षर रहित समाधि स्तंभ खड़ा करने में वु त्सेथ्यान की विवेकता जाहिर हुई थी, क्योंकि वह जानती थी कि उसकी मृत्यु के बाद लोग उसका तरह-तरह से मूल्यांकन करेंगे। एक समाधि स्तंभ में उसके जीवन भर के कार्यों का उल्लेख करना मुश्किल था, इस तरह बिना अक्षर का समाधि स्तंभ खड़ा करके उसका मूल्यांकन करने की छूट उत्तरवर्ती लोगों पर छोड़ी जानी चाहिए।

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