रेगिस्तान के खेती मैदान बनाने के लिए केवल 7 घंटे की जरूरत

2020-09-19 10:00:00
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

हाल में नोर्वे की एक कंपनी ने एक नयी तकनीक का विकास किया, जिससे दुबेई के रेगिस्तान क्षेत्र में 5 महीनों में ताजा फल उगाये जाते हैं। इस कंपनी ने यह भी कहा कि वे 7 घंटों में रेगिस्तान को खेती भूमि में बदल सकते हैं।

रिपोर्ट के है कि नोर्बे की रेगिस्तान नियंत्रण विज्ञान व तकनीक कंपनी की एक टीम इस मार्च की शुरूआत में दुबेई गयी। उन्होंने लिक्विड ननोक्लेइ(Liquid Nanoclay) की नयी तकनीक से रेगिस्तान में तरबूज, तोरी और मोती बाजरा आदि उगाये। 5 महीनों के बाद इस रेगिस्तान क्षेत्र को एक ताजा फलों और सब्जियों से भरे खेती मैदान में बदला गया है।

परिचय के मुताबिक लिक्विड ननोक्लेइ इस नये आविष्कार में केवल पानी और मिट्टी से बनायी जाती है। जब तक यह रेत या रेतीली मिट्टी पर छिड़काव किया जाता है, तब तक यह रेत के दाने में घुसना और पालन कर सकती है, रेत की जल प्रतिधारण क्षमता में सुधार कर सकती है, और पौधों को जीवित रहने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है। यह तकनीक रेगिस्तान की भूमि का सुधार कर सकती है, साथ ही पानी के इस्तेमाल को आधे से ज्यादा कम कर सकती है। और अहम बात यह है कि वह केवल 7 घंटों में सूखी भूमि को खेती भूमि में बदल सकती है।

संयुक्त अरब अमीरात में 90 प्रतिशत के खाद्य पदार्थ आयात पर निर्भर करते हैं। इसलिए रेगिस्तान में कृषि उत्पाद उगाकर अनाज के उत्पादन को उन्नत करना इस देश के लिए अति महत्वपूर्ण है। इस नयी तकनीक से कई देशों की अनाज सप्लाई को मदद भी दे सकेगी।

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories