खेती मैदान में नयी तकनीक का प्रयोग

2020-09-09 18:59:59
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शायद गांव के प्रति आप की स्मृति अभी भी किसानों पर हो, यह सही नहीं रही। आजकल चीन की अनेक गांवों में एआई तकनीक, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड कम्प्यूटिंग जैसी उच्च विज्ञान व तकनीकें दिखायी जाती हैं।

उत्तर चीन के भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश के शिंगआन मंग चालेइतेछी राष्ट्रीय आधुनिक कृषि उद्योग उद्यान में लोग देखते हैं कि यहां मोबाइल फोन खेत के औजार और खेती मैदान दर्शनीय स्थल बन गए हैं। 46 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर ताशिंगआनलिंग के दक्षिणी तलहटी में स्थित चालेइतेछी विश्व का धान उगाने वाला मशहूर गोल्डन क्षेत्र माना जाता है। यहां सौ से अधिक वर्षों के धान उगाने का इतिहास है। 2017 के सितम्बर माह में चीन के पहले राष्ट्रीय आधुनिक कृषि उद्योग उद्यानों में से एक चालेइतेछी राष्ट्रीय आधुनिक कृषि उद्योग उद्यान का निर्माण शुरू हुआ। धान उगाना यहां का प्रमुख कृषि उद्योग है। इस क्षेत्र में कुल 40 हजार हेक्टेयर के खेती मैदान में कुल 30 हजार हेक्टेयर में धान उगाया जाता है, साथ ही 7 हेक्टेयर का स्मार्ट कृषि प्रदर्शन क्षेत्र भी मौजूद है। हाओलिपाओ बस्ती के अधिकारी लू योंगत्जे ने परिचय देते हुए बताया कि हाओलिपाओ बस्ती उद्योग उद्यान का केंद्र क्षेत्र है, जहां 19 हेक्टेयर का खेती मैदान है। यहां उर्वरक और कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है। यहां नदी के केकड़े, क्रेफ़िश, मछली और बत्तख सब धान की खेती में साथ रहते हैं, जिससे खेती मैदान के उत्पादन को उन्नत करने के साथ भौतिक और जैविक साधनों के माध्यम से कीटों का इलाज किया जा सकता है।

उद्यान ने निजी आदमी के खेती मैदान को ऑडर करने का फार्मूला भी पेश किया। लोग मोबाइल फोन के एप्प के जरिए अपने खेती मैदान में धान उगाने की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं और खेती काम के प्रबंध में भी भाग ले सकते हैं। जबकि खेती मैदान में उगाने वाले सभी नदी के केकड़ों, क्रेफ़िशों, मछलियों और बत्तखों को उपभोक्ताओं के घर में भेजा जा सकता है।

मोबाइल फोन नया खेत के औजार बन गये हैं। चाहे लोग खेती मैदान से हजारों किलोमीटर दूरी पर रहते हों, तो भी मोबाइल फोन से खेती के काम में हिस्सा लेने का सपना पूरा कर सकते हैं।

इस तरह के सपने को पूरा करने के लिए परम्परागत खेती तरीका पर्याप्त नहीं है, इस के पीछे विज्ञान व तकनीक का आधार ही है।

उद्योग उद्यान के विज्ञान व तकनीक सेवा केंद्र से हम देखते हैं कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स प्लस स्मार्ट कृषि क्लाउड सेवा प्लेटफार्म इन सब को पूरा करने का दिमाग है। उद्योग उद्यान बिग टेडा, क्लाउड सेवा और एआई आदि सूचना तकनीक से परम्परागत कृषि को उन्नत किया और भूमि, कीड़ों, जल स्तर, मौसम आदि की समय पर निगरानी करता है।

विज्ञान व तकनीक सेवा केंद्र में एक खास प्रयोगशाला है, जहां विभिन्न भूमि और मौसम की स्थिति में अनेक किस्मों के धान उगाये जाते हैं। किसान एप्प पर इस प्रयोगशाला के विभिन्न आंकड़ों को देख सकते हैं और मिट्टी की रचना और भविष्य की मौसम स्थिति के अनुसार उचित धान की किस्मों को चुन सकते हैं।

कब बीज उगाना उचित है? कब कीट-नियंत्रण करने की जरूरत है? कब फसल कर सकते हैं? ये सब आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स प्लस धान की गुणवत्ता की रक्षा करता है।

इस साल उद्यान ने शिंगआनमंग के धान को डिजिटल पहचान प्रबंध सेवा सिस्टम में भी शामिल किया और श्रेष्ठ कृषि उत्पादकों के लिए डिजिटल आईडी कार्ड भी दिया। उपभोक्ता चावल खरीदते समय इस के स्रोत के बारे में जानकारी भी पा सकते हैं।

यहां से बाहर बेचने वाले चावल का अपना आईडी कार्ड है। उपभोक्ता बैकेज पर क्यूआर कोड पर स्केन कर इस की किस्म, उर्वरक आदि सूचनाएं पा सकते हैं। यहां तक कि लोग इस के उगाने की प्रक्रिया भी देख ��कते हैं।

निसंदेह चालेइतेछी राष्ट्रीय आधुनिक कृषि उद्योग उद्यान में उत्पादन, प्रोसेसिंग और बिक्री अच्छी तरह जोड़े जाते हैं। यहां परम्परागत कृषि स्मार्ट कृषि की ओर परिवर्तित हो चुका है।

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