घरेलू चक्र और बाहरी दुनिया के लिए द्वार खोलना चीन की एकीकृत नीति

2020-09-03 10:00:00
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हाल में चीन की केंद्र सरकार ने कई बार घरेलू आर्थिक चक्र को प्राथमिकता देकर घरेलू और विदेशी चक्र को संतुलित रूप से बढ़ावा देने के दोहरा आर्थिक चक्र के विकास ढांचे की स्थापना करने की नीति पेश की। कुछ विदेशी मीडिया ने घरेलू आर्थिक चक्र पर ध्यान दिया और माना कि यह कोविड-19 के प्रकोप और बाहरी वातावरण की अनिश्चितता की वजह से दी गयी जबरदस्त प्रतिक्रिया है। विदेशी लोग चिंतित हैं कि क्या चीन देश को बंद कर आर्थिक विकास करेगा?उन्होंने इसे गलत तरीके से समझा है।

दोहरे चक्र के नये विकास ढांचे की स्थापना बाहरी वातावरण में जटिल परिवर्तन और चीन के विकास के नये चरण में प्रवेश करने की पृष्ठभूमि में चीन सरकार द्वारा स्वेच्छा से किया गया बंदोबस्त है। चीन द्वारा घरेलू सुपर बाजार की श्रेष्ठता का प्रसार कर संतुलित और साझी जीत वाले खुली विश्व अर्थव्यवस्था के निर्माण करने में उठाया गया कदम है।

सुधार और खुलेपन के बाद चीन ने कदम ब कदम विदेशों के लिए दरवाज़े खोले। 1988 में चीन की केंद्र सरकार ने समुद्रतटीय विकास रणनीति पेश की और घरेलू निचले खर्चा वाले श्रमिकों की श्रेष्ठता से लाभ पाकर अंतर्राष्ट्रीय पूंजी और तकनीक से जोड़ा और निर्यात-उन्मुख श्रम-गहन उद्योग का जोरदार विकास किया और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चक्र में हिस्सा लिया। 2001 में चीन की विश्व व्यापार संगठन में भागीदारी के बाद चीन जल्द ही विश्व आर्थिक व्यवस्था में शामिल हुआ और धीरे-धीरे विश्व कारखाने के रूप में विकसित हुआ। 2011 में चीन विश्व का पहला बड़ा निर्यात देश बना। विश्व में अमेरिका और यूरोप उपभोग बाजार और अनुसंधान केंद्र, पूर्वी एशिया खास तौर पर चीन का उत्पादन केंद्र और विनिर्माण केंद्र, मध्य पूर्व और लातिन अमेरिका का ऊर्जा व संसाधन निर्यात केंद्र "महान त्रिभुज अंतर्राष्ट्रीय चक्र" मॉडल स्थापित हुआ है।

1998 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद यह अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चक्र मॉडल ने बड़ी चुनौती का सामना किया। निवेश, निर्यात और श्रमिक आदि उत्पादन तत्वों पर अति निर्भरता से चीन में अंदरूनी मांग और बाहरी मांग का असंतुलन पैदा हुआ है, निवेश और खपत असंगत है, सेवा उद्योग का विकास पिछड़ रहा है और लोगों की आमदनी में घाटा विस्तृत होती रही है। इस पृष्ठभूमि में चीन ने अंदरूनी मांग का विस्तार करने को लम्बे अरसे से सामरिक लक्ष्य बनाया। पहले चीन आर्थिक विकास के लिए मुख्यतः निवेश और निर्यात पर निर्भर था, अब इसे खपत और निवेश, अंदरूनी मांग और बाहरी मांग के समन्वय में परिवर्तित होने लगा है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में "महान त्रिभुज अंतर्राष्ट्रीय चक्र" मॉडल से भी समस्याएं आयी हैं। अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों में अति खपत, अति कर्ज, खोखला विनिर्माण उद्योग और मध्य वर्ग आबादी की कटौती और लोकलुभावनवाद आदि समस्याएं नजर आयी हैं। 2008 अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट ने भूमंडलीकरण पर भारी असर पड़ा। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और सीमापार निवेश की विकास दर में कटौती आयी है। कोविड-19 की महामारी ने विश्व आर्थिक विकास में अनिश्चितता पैदा की है। इसलिए दोहरा चक्र एक और अस्थिर व अनिश्चित दुनिया में आर्थिक भूमंडलीकरण को आगे बढ़ाने के लिए चीन की एक बड़ी नीति है।

घरेलू चक्र को प्राथमिकता देने का अर्थ देश को बंद करना नहीं है। वास्तव में भूमंडलीकरण की पृष्ठभूमि में विभिन्न देशों की आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह बंद कर प्रचालन नहीं की जा सकती हैं। चीन गहन रूप से आर्थिक भूमंडलीकरण और अंतर्राष्ट्रीय वितरण व्यवस्था में शामिल हो चुका है। चीन की अंदरूनी मांग का विस्तार करने के लिए भी अंतर्राष्ट्रीय उद्योग श्रृंखला और सप्लाई श्रृंखला से अलग नहीं किया जा सकता है। चीन में तकनीक की प्रगति भी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रतिस्पर्द्धा से अलग नहीं की जा सकती है। देश को बंद कर विश्व की प्रमुख धारा से अलग करने से केवल अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समुन्नत स्तर के बीच घाटा बढ़ेगा। घरेलू आर्थिक चक्र और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चक्र साथ-साथ मेल से रहते हैं और उन्हें एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है। हालांकि हाल में अंतर्राष्ट्रीय चक्र में भाग लेने में चीन ने कुछ बाधाओं और चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन यह इस बात का द्योतक नहीं है कि अंतर्राष्ट्रीय चक्र महत्वपूर्ण नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चक्र से अलगाव करने का विचार चीन के आर्थिक विकास के लिए लाभदायक नहीं है।

दरअसल, चीन और ऊंचे स्तर वाले खुलेपन को आगे बढ़ाना चाहता है। चीन घरेलू आर्थिक चक्र को विकसित करेगा, उत्पादन, वितरण, स्थानांतरण, खपत आदि विभिन्न भागों को मेल से विकसित करेगा, उच्च मापदंड वाली बाजार व्यवस्था का निर्माण करेगा, न्यायपूर्ण प्रतिस्पर्द्धा प्रणाली को परिपूर्ण बनाएगा, गहन रूप से सुधार को आगे बढ़ाएगा, ताकि घरेलू बाजार और अंतर्राष्ट्रीय बाजार को अच्छी तरह से जोड़ा जा सके।

हाल में विश्व की प्रमुख आर्थिक इकाइयों में चीन का खुलापन अपेक्षाकृत नीचा रहा है। इसलिए घरेलू आर्थिक चक्र और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चक्र को आगे बढ़ाने से चीन के खुलेपन के स्तर को उन्नत किया जा सकेगा। घरेलू चक्र का विकास चीनी उद्यमों के घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्द्धा शक्ति को उन्नत कर सकता है, ताकि चीनी उद्यम और अच्छी तरह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रतिस्पर्द्धा में हिस्सा ले सकें और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चक्र में शामिल हो सकें। दूसरी ओर, चीन में विदेशी व्यापार निवेश कानून के कार्यान्वयन से चीनी बाजार में विदेशी उद्यम और आराम से बाजार में प्रवेश कर सकेंगे, समान रूप से संसाधन का इस्तेमाल कर सकेंगे और कानूनी रक्षा पा सकेंगे। इससे और बड़े हद तक अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों की निहित शक्ति की खोज की जा सकेगी और चीन की उद्योग श्रृंखला और सप्लाई श्रृंखला की स्थिरता की रक्षा भी हो सकेगी।

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