​भारत चीन के साथ आर्थिक संबंध को पूर्ण रूप से बंद नहीं कर सकता : भूतपूर्व भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

2020-08-20 10:00:00
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हाल में भूतपूर्व भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम. के. नारायणन ने अमेरिकी मीडिया के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि भारत चीन के साथ आर्थिक संबंध को पूर्ण रूप से बंद नहीं कर सकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि दोनों देश दुश्मन नहीं हैं।

अमेरिकी उपभोक्ताओं के प्रेस और वाणिज्य चैनल सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक उस दिन के कार्यक्रम में एम. के. नारायणन ने कहा कि हम चीन के साथ सभी आर्थिक संपर्क को पूर्ण रूप से बंद नहीं कर सकते हैं। यह मेरा विचार है क्योंकि हमें प्रगति करनी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एम. के. नारायणन 2005 से 2010 के बीच भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पदभार संभाला था। उनके जीवन का अधिकांश समय सूचना कार्य से संबंधित रहा है।

एम. के. नारायणन ने कहा, “हम दुश्मन नहीं हैं। मुझे लगता है कि चाहे मित्र हो, तो उनके बीच भी कुछ न कुछ समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। यकीनन, दोनों सभ्यताओं के बीच प्रतिस्पर्द्धा जरूर मौजूद है।”

एम. के. नारायणन ने कहा कि भारत को चीन के साथ आर्थिक संबंधों का अच्छी तरह प्रबंध करना चाहिए, न की उसे पूर्ण रूप से समाप्त करना। गत वर्ष भारत ने आरसीईपी में भाग लेने से इंकार कर दिया था। इसकी चर्चा में सीएनबीसी ने कहा कि इस समझौते ने चीन आदि प्रमुख एशियाई आर्थिक इकाइयों समेत एक व्यापारी ग्रुप बनाया है, जबकि इन देशों की जीडीपी विश्व के करीब एक तिहाई है। कुछ लोगों ने आरसीईपी में भारत की मौजूदगी को चीन को संतुलित करने की शक्ति मानी थी।

इसकी चर्चा में एम. के. नारायणन ने कहा, “भारत को पीछे नहीं हटना चाहिए। भारत को इस तरह के आर्थिक मंच में प्रवेश करना चाहिए। इधर के वर्षों में भारत में आर्थिक विकास की प्ररेणा शक्ति भी इसी तरह है।” एम. के. नारायणन ने कहा कि भारत जरूर यह लक्ष्य हासिल कर सकेगा।

गौरतलब है कि इधर के कई महीनों में चीनी उद्यमों के खिलाफ भारत सरकार ने अनेक पाबंदी लगाने के कदम उठाये हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ समय पहले भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए 59 चीनी ऐप्स को बंद कर दिया था, जिनमें भारत में अति लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो एप्प टिकटॉक शामिल है।

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